Sunday, October 24, 2021
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Vidhan Sabha Chunav Date 2021: जानिए पांच राज्यों में किसकी सरकार , evm के बाद election Commission पर प्रश्न चिन्ह खड़े हो रहे है…

Vidhan Sabha Chunav Date 2021- लोकतंत्र महा पर्व की शुरुआत हो रही है। आज पांच राज्यों की चुनाव की ऐलान हो गया है। वैसे भारत शायद दुनिया का एकमात्र देश है जहाँ पर हर साल चुनाव होती है..  आज हम इन पांचो राज्यों पर  संक्षिप्त  विश्लेषण  करेंगे..  वैसे तो पहले चुनावी नतीजे आने के बाद इवीएम पर प्रश्न चिन्ह खड़े होते थे , लेकिन अब चुनाव तारीख ऐलान होने पर देश के स्वतंत्र संवैधानिक संस्थाओं पर राजनीति दल अपनी  राजनिति स्वार्थ अर्थात Political interest के लिए झुठे  तथ्यहीन (Factless) आरोप लगाने लगे है। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री   ममता बनर्जी ने आज चुनाव आयोग पर ही प्रश्न चिन्ह खड़े कर दिए। ममता बनर्जी का आरोप ये है कि बंगाल चुनाव इस बार 8 चरणो में इसलिए करवाया जा  है क्योंकि भाजपा ने कहा था। लेकिन ममता बनर्जी ये नहीं बताए गे कि बंगाल में कानून व्यवस्था (Law & order) वो अगर बेहतर बनाई रखती तो चुनाव आयोग (election Commission)  ऐसे निर्णय नहीं लेना पड़ता है..  ये बात किसी से छिपी नहीं है कि इस बार बंगाल के चुनाव में सबसे ज्यादा हिंसा होने वाली  है।

Vidhan Sabha Chunav Date 2021:

अब हम जानते हैं कि इस बार किसकी सरकार इन पांचो राज्यों बने जा रही है .. आपको साफ तौर कह देना चाहता हूँ कि , मेरा विश्लेषण  युपी चुनाव से लगातार ही सही हो रही है।

(1) असम किसका होगा ??

असम की बात करे तो ये वो राज्य है जिसमें सबसे पहले CAA की विरोध शुरू हुई थी। लेकिन विरोध की वजह पुरे देश से अलग थी। असल में 1972 के India pak war से भी पहले से घुसपैठिए से परेशान थी। जिस वजह से वहाँ पर स्थानीय जनसंख्या कम हो रही थी। इससे उनकी (असम के लोगों) स्मिता खतरे में पड़ जाएगी. उन्हें यह भी डर है कि उनके लिए रोजगार के अवसर घट जाएंगे. यही नहीं उन्हें अपनी असमी भाषा के भी गौड़ हो जाने का डर सता रहा है. लेकिन केंद्र सरकार ने इन सभी भय का सामधान कर दिया है। और  असम जनता के  NRC के साथ है। वहाँ पर NRC संपुर्ण हो चुका है। जिन लोगो का नाम नहीं आया है उन्हे अभी भी नागरिकता साबित करने का अवसर दिया जा रहा है। इस बार किसकी सरकार बनेंगी असम में  इसका उत्तर है कि Northeast राज्य में तेजी से विकास कार्य हो रही है। इसी वजह से असम में कमल खिलना निश्चित है , सीटो  में कुछ अंतर हो सकती है। लेकिन ज्यादा नहीं होगी। असम पर मेरा अनुमान है कि भाजपा – पुर्ण बहुमत सरकार बना रही है।

(2.) केरल किसका ?

Kerala (केरल) – केरल की बात करे तो यहाँ पर भाजपा अपनी संगठन विस्तार जरूर कर रही है , लेकिन यहाँ BJP के लिए कोई बड़ी कामयाबी नहीं मिल रही है। यहाँ भाजपा की वोट प्रतिशत पहले से बढ़ेगी। सीटो संख्या बढ़ेगी , लेकिन सत्ता नहीं मिलेगी.. भाजपा केरल में जिस तेजी में विस्तार कर रही है। उस यही लगता है कि लोकसभा चुनाव 2024 और विधानसभा चुनाव 2026 में बड़ी सफलता मिल सकती है। इस बार यहाँ पर कांग्रेस या वामपंथी के बीच कड़ा टक्कर देखने को मिलेगा। लेकिन अगर मोदी मैजिक चला तो ये भी हो सकता है कि भाजपा जीत हासिल कर ले .. लेकिन मेरा मानना है कि केरल में भाजपा के लिए मंजिल बहुत दुर है.. नवंबर 2020 में आई रिपोर्ट को माने तो देश में सबसे ज्यादा बेरोजगारी दर केरल में है , यहाँ पर 35.2 प्रतिशत बेरोजगारी दर है । इसके उत्तरदायित्व वामपंथी और कांग्रेस पार्टी है जो यहाँ पर सत्ता रही है । देश के सबसे शिक्षित प्रदेश कट्टर इस्लाम का प्रयोगशाला बन चुका है। केरल के कई आंतकवादी Isis जैसे आंतकवादी संगठन शामिल हो चुका है। PFI जैसे रेडिकल इस्लामिक संगठन केरल सबसे ज्यादा एक्टिव है। कई लोगो का मानना है कि आने वाले समय भारत के लिए कश्मीर से भी बड़ा खतरा केरल से है।

(3.) बंगाल किसका ?

इस बार सबसे की नजर बंगाल पर टिकी है। मुझे याद है कि बंगाल में 2019 के लोकसभा चुनाव के  समय लोग यही कह रहे थे कि केंद्र मोदी सरकार और बंगाल दीदी की  सरकार ..  लेकिन 2019 से 2021 के बीच बहुत कुछ बदल चुका है।  वैसे बंगाल वो धरती जहाँ हिन्दू पुर्ण जागरण और हिन्दू राष्ट्रवाद की शुरुआत हुई थी। लेकिन वर्तमान दौर बंगाल में कटमनी जनता परेशान है। TMC के गुंडे हर चीज पर कटमनी लेते है। चाहे आप बंगाल में कोई घर बना  रहे , व्यपार , या फिर कोई सरकारी योजना लाभ लेना चाहते है , उसके लिए आपको TMC के गुंडो कटमनी देना पड़ेगा… इस बार बंगाल की जनता ने परिवर्तन मन बना चुके है। मेरा अनुमान है कि बंगाल में भाजपा 180 से 200  सीटे हासिल कर सकती है। बंगाल की जनता परिवर्तन निश्चित कर चुकी है।  वैसे बंगाल पर मेरा विश्लेषण आगे आएगा वो केवल मेरे website और यूट्यूब चैनल पर  ind talk Shashiblog.in पर ( super exclusive) आएगा।

(4.) Tamil Nadu (तमिल नाडु)

तमिल नाडु पर क्षेत्रीय दलों का  दबदबा रहता है । यहाँ पर राष्टीय पार्टी कांग्रेस व भाजपा कोई महत्व नहीं है।  तमिलनाडु मुख्य राजनिति दल AIADMK और DMK है। भाजपा के लिए तमिल नाडु  के राजनीति में व्यग्य तौर पर कहा जाता है कि  बीजेपी की कंपटीशन किसी राजनिति दल से नहीं है। बल्कि कि  (NOTA) में पड़ने वाले मतों से है.. खैर ये मजाक की बात कहे या तमिल नाडु की राजनीति की वास्तविकता कहे। जहाँ किसी भी राष्टीय पार्टी के लिए कोई स्थान नहीं है। वही भाजपा की बात करे तो इस बार वो AIADMK गठबंधन में है। जो कि वर्तामान में सत्ता में है। हम ये भी कह सकते है कि भाजपा प्रयास यही रहेंगी कि वो फिर से AIADMK सत्ता में वापस आ जाए। और भाजपा का मकसद यह भी रहेंगा कि तमिल नाडु में भाजपा का विस्तार करना। वैसे आपको बता दे कि DMK और AIADMK दोनो एक ही राजनिति दल थी। इस विषय पर फिर कभी चर्च करेंगे क्योंकि हमे इतिहास में जाना पड़ेगा। वर्तमान हम कह सकते है कि इस बार भी DMK और AIADMK के बीच टक्कर है लेकिन जीत AIADMK होने की संभवना अधिक है। सीटो संख्या में इसलिए नहीं बता रहा हूँ क्योंकि मेरा रिसर्च इस राज्य पर अभीतक पुरा नहीं हुआ है ।

(5.) केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी किसका?

पुडुचेरी में वर्तमान में ही कांग्रेस सत्ता गई है। केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी बात करे तो यहाँ सीटो संख्या महज 30 है। यहाँ पर पर एनडीए की जीत होगी। इसकी बड़ी वजह कि कांग्रेस से जनता में भारी नाराजगी है। नारायणसामी के नेतृत्व पर लगातार ही प्रश्न चिन्ह खड़े हो रहे थे। पिछली चुनाव की बात करे तो 2016 के चुनाव में कांग्रेस 15 सीटों पर जीती थी और डीएमके साथ मिलकर सत्ता में आई थी। इस बार कांग्रेस हाथो सत्ता मिलना नामुमकिन है…

इन पांचो राज्यों पर मेरा सबसे सटीक विश्लेषण आगे भी आएगा ..

लेखक राजनीति के जानकार – Shashi Kant Yadav

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