Wednesday, October 20, 2021
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Super exclusive: जानिए युपी के लखीमपुर खीरी घटना के सच , हुआ किसानों और सरकार का समझोता।

लखीमपुर खीरी घटना पर हम आज super exclusive रिपोर्ट देने जा रहे है। विपक्षी दलो के माने तो वहाँ किसानों पर गाड़ी चढ़ाया गया है। किंतु ये संपुर्ण सत्य नहीं है। जैसा कि इस समय ज्यादातर लिबरल मिडिया आपको एक पक्ष बारे बताएगे , जबकि दुसरे पक्षो छुपाया जाएगा। किसानो और मिडिया का एक वर्ग मानना है कि केन्द्रीय मंत्री के बेटे ने किसानो पर गाड़ी चढ़ाया है। जब इस बात की सच जाने का प्रयास किया , तो हमे ऐसी कोई सबुत नहीं मिली है , जिस से हम कह सकते है कि किसानों पर गाड़ी चढ़ाया गया है।

super exclusive Lakhimpur

जब हमने सोशल मीडिया वायरल कुछ विडियो देखा इसमें हम पाए कि किसानों ने ही भाजपा के नेताओ पर हमला किया है। हमे एक ऐसा विडियो में जब तथाकठित किसानों ने एक व्यक्ति पिटाई कर रहे थे।बताया जाता है कि वो अजय कुमार मिश्रा के ड्राइवर हरिओम मिश्रा है , जिसे आंदोलनकारी किसानों ने पीट-पीट कर मार डाला। मार डालने से पहले का एक वीडियो सामने आया है जिसमें साफ़ देखा जा सकता है कि खून से लथपथ हरिओम मिश्रा को कुछ आंदोलनकारी घेर कर खड़े हैं और बोल रहे हैं कि “मान जाओ कि तुम्हें टेनी(अजय कुमार मिश्रा) ने गाड़ी चढ़ाने के लिए भेजा है। हम तुम्हें छोड़ देंगे”। लेकिन हरिओम कहता है कि मुझे टेनी ने नहीं भेजा है लेकिन किसी पर गाड़ी चढ़ाने के लिए..दादा मुझे छोड़ दो। 29 सेकंड के इस वीडियो में केंद्रीय मंत्री का ड्राइवर हरिओम आंदोलनकारी किसानों के आगे हाथ जोड़कर जमीन पर डरा-सहमा बैठा हुई दिखाई दे रहा है। इसके आगे वीडियो में आंदोलनकारी किसान लाठी-डंडा दिखाकर उसे डराते धमकाते हैं और फिर गालियों की बौछार के साथ उसपर टूट पड़ते हैं।

दुख की बात है कि किसानों की कही बात नहीं दोहराने पर आंदोलनकारी किसानों ने हरिओम मिश्रा की जान ले ली। वो हाथ जोड़कर अपनी जान की भीख मांगता रहा लेकिन आंदोलनकारी किसान उसकी एक भी नहीं सुनते और हरिओम मिश्र समेत चार लोगों को मौत के घाट उतार दिया गया।

ऐसा एक ओर विडियो मिला जिसमें तथाकठित किसान भाजपा कार्यकर्ता पर बेरहमी से वार कर रहे थे।

बताया जाता है। कि इस हंगामा साजिश पहले रचा जा रहा है। हंगामे की बुनियाद बाहर से आए लोग थे। इसकी पुष्टि वरिष्ट पत्रकार हर्ष वर्धन त्रिपाठी ने भी किया।

इसके अलावा इस वायरल विडियो से भी साबित होता है कि ये लोग युपी के नहीं थे। बल्कि पुरा प्लान तहत इनका उद्देश्य हिंसा करना ही था।

अब हम आपको बताते है कि हिंसा की शुरुआत कैसे हुई , जिस जगह पर हिंसा हुई वहाँ डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य का दौरा था। उनके आने से पहले किसान विरोध करने आए थे। किसानों का आरोप है कि केंद्रीय राज्य मंत्री अजय मिश्र के बेटे ने किसानों पर कार चढ़ा दी। लेकिन हम अबतक इस आरोप की पुष्टि नहीं कर सकते है क्योंकि हमे ऐसा कोई विडियो नहीं मिला है। जिस से हम कह सके कि केंद्रीय राज्य मंत्री अजय मिश्र के बेटे ने किसानों पर कार चढ़ा दी। बेटे पर लगे इस आरोप पर स्वयं अजय मिश्र ने सफाई दी।

हिंसा की शुरुआत कैसे हुई

जैसा कि आप जानते हैं कि हमारे देश में कोई घटना घट जाए , उस पर राजनीति ना हो। ये कैसे हो सकता है। वैसे ही इस घटना पर भी हुआ जहाँ पर कई नेता लखीमपुर जाने की कोशिश की और जाने नहीं दिया वो ट्विटर जरिए मौत पर अपनी राजनीति शुरू कर दी।

पीड़ित परिवारों को 45 लाख का मुआवजा देगी सरकार

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बताया जाता है कि किसानों और सरकार के बीच बात बन गई है। किसानों के सभी मांगे मान लिया गया है। मृतक किसानों के परिजनों को 45-45 लाख रुपये दिए जाएंगे। घायल किसानों को 10 लाख देने की घोषणा की गई है। इसके साथ ही नई कमेटी का गठन किया जाएगा जो रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में मामले की जांच करेगी। एडीजी प्रशांत कुमार ने कहा है कि दोषियों के विरुद्ध केस दर्ज हो गया है, जांच जारी है। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।

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