Thursday, October 21, 2021
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Rinku Sharma murder case: क्या इस देश में हिन्दू होना अपराध है , क्यों मौन धारण कर चुके लिबरल पत्रकार , सेक्युलर नेता

Rinku Sharma murder case: दिल्ली में RinkuSharma की हत्या कर दी गई है। लेकिन देश के सेक्युलर नेता , लिबरल , फिल्मी अभिनेता व अभिनेती , मोमबत्ती गैग, वामपंथी और बुद्धिजीवी गैंग मौन घारण कर चुके है। सबके सब मौन रखे हुए। प्रश्न ये है कि क्या हिन्दू होना इस देश में अपराध है। गजब है इस देश के राजनीति कल्पना कीजिए अगर रिंकू का नाम रेहान होता तो उसकी हत्या देश की सबसे बड़ी खबर होती । हर नेता उसके दरवाजे पर होता और कहता है कि देश में मुसलमान सुरक्षित नहीं है। असहिष्णुता (intolerance) बढ़ रही है। फिल्मी सितारे मोमबत्ती गैग एक्टिव हो जाता है। सड़को पर हिंसक विरोध प्रदर्शन होता और  वामपंथी पत्रकार ट्विटर पर कई फेक न्यूज फैलाते है और ये भी कहते है कि अब भारत में अल्पसंख्यक सुरक्षित नहीं है। लेकिन जब ये मुसलमान किसी हिन्दू का मांब लिंजिग में हत्या कर देता है तब ये लोग अजीब से मौन धारण कर लेते है। तब तो ये लोग बात भी नहीं करना चाहते है। मानो कोई ऐसा घटना घटा ही ना हो।

 Murdered Rinku Sharma, images credit Jagran

पुरा घटना विस्तृत रूप बताते है-

दिल्ली के मंगोलपुरी में बीजेपी कार्यकर्ता की हत्या पर जबरदस्त सियासी घमासान है। बीजेपी और विश्व हिदू परिषद का आरोप है कि राम मंदिर निर्माण से जुड़े होने की वजह से हत्या हुई है। बीजेपी के साथ ही परिवार वाले भी यही आरोप लगा रहे हैं, लेकिन दिल्ली पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार करके मामले की जांच कर रही है। बुधवार रात मंगोलपुरी में रिंकू शर्मा युवक की चार लोगों ने चाकू गोंदकर हत्या कर दी। पुलिस का कहना है कि रिंकू के दोस्त ने अपने तीन दोस्तों के साथ मिलकर हत्या की है। यह हत्या बर्थडे पार्टी में रेस्त्रां खोलने को लेकर हुए विवाद में की गई। पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। लेकिन पुलिस के दावे से उलट रिंकू के परिवार का कहना है कि रिंकू की हत्या पीछे मजहबी नफरत से भरी खतरनाक मानसिकता है।

पुलिस ने चार आरोपियों को किया है गिरफ्तार

पुलिस ने आरोपियों की पहचान मोहम्मद दानिश, मोहम्मद इस्लाम, जाहिद और मोहम्मद मेहताब के रूप में की है। दानिश और इस्लाम दर्जी हैं। जाहिद एक कॉलेज छात्र है और मेहताब कक्षा 12 में पढ़ता है।

रिंकू के भाई के मुताबिक ऐसे हुई हत्या

रिंकू के भाई के अनुसार रिंकू बुधवार की शाम को एक जन्मदिन की पार्टी में गया था। जब वो पार्टी से लौट रहा था।उसी बीच घर के पास के एक पार्क के पास उसके पड़ोस में रहने वाले एक युवक और उसके कुछ साथियों ने उसे पकड़ लिया था। वहीं पर उनके बीच में झगड़ा हुआ और झगड़ा बढ़ गया और रिंकू भाग के घर आया।

भाई के अनुसार आरोपी पीछा करते हुए घर तक आ गए जमकर मारपीट की और रिंकू पर चाकू से हमला कर दिया। बाद में रिंकू की अस्तपताल मौत हो गई। चाकू रिंकू की पीठ में ही था। आरोप है कि हमले के दौरान हमलवारों ने रिंकू के घर का LPG सिलेंडर भी खोल दिया। 25 साल का रिंकू एक निजी अस्तपताल में लैब टेक्नीशियन का काम करता था।

भाई बोला- राम मंदिर के कार्यक्रम के बाद मिल रही थी धमकी

रिंकू के भाई का कहना है कि रिंकू इसलिए निशाने पर आ गया क्योंकि वो एक राम भक्त था। राम मंदिर निर्माण से जुड़ा था और बीजेपी के कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेता था। परिवार वाले की मानें तो हत्यारों ने घर पर धावा बोल दिया।  रिंकू के साथ-साथ बुजुर्ग माता-पिता पर भी हमले किए। इस घटनापर अब दिल्ली की राजनीति उबल रही है।

रिंकू की हत्या के बाद बीजेपी हमलावर

रिंकू शर्मा की हत्या पर बीजेपी हमलावर है। किंतु  दिल्ली पुलिस कह रही है वारदात बर्थ डे पार्टी के बीच हुई।

बीजेपी नेता कपिल मिश्रा ने ट्वीट करके कहा अगर रिंकू का नाम रेहान होता तो उसकी हत्या देश की सबसे बड़ी खबर होती। प्रत्येक नेता उसके दरवाजे पर होता। रिंकू शर्मा जी की हत्या दिल्ली में ऐसा पहला अपराध नहीं। अंकित सक्सेना, ध्रुव त्यागी, डॉ नारंग, राहुल, अंकित शर्मा सब को ऐसे ही तो मारा गया, आखिर क्यों? #JusticeForRinkuSharma.’

वहीं दिल्ली बीजेपी के अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने कहा, ‘देश की राजधानी में हुई घटना से मन अत्यंत दुखी है. श्रीराम मंदिर हेतु समर्पण निधि एकत्र करने पर एक युवक की विशेष समुदाय द्वारा हत्या कर दी गयी, मैं इसकी कड़े शब्दों में निंदा करता हूं व दिल्ली पुलिस से दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग करता हूं।

AAP ने कहा- हत्या को सांप्रदायिक रंग न दिया जाएइस हत्या को लेकर आम आदमी पार्टी ने बयान दिया है उन्होंने कहा जिन्होंने यह अपराध किया है, उन्हें सख्त से सख्त सजा होनी चाहिए। उन्हें जेल में डालना चाहिए और हिंदुस्तान के कानून में जो भी सबसे कठिन धारा है। उसके हिसाब से कार्रवाई होनी चाहिए. आम आदमी पार्टी यह भी कहना चाहती है कि इसे सांप्रदायिक रंग न दिया जाए, धार्मिक मामला न बनाया जाए और जो भी दोषी हो उसे फांसी की सजा दी जाए।

इन सब बीच आम आदमी पार्टी ये कह रहे है कि इस घटना को सांप्रदायिक रंग न दे। किंतु वही केजीवाल अखलाख के लिए युपी चले जाते है और देश में कोई ओर राज्य में मुसलमानो की कथित तौर पर मांब लिंजिग हुआ हो। तब Arvind Kejriwal (अरविंद केजरीवाल) हर घटना सांप्रदायिक रंग दे रहे थे। करोड़ो रूपये देने वाले केजीवाल अपने दिल्ली में लगातार हो रहे हिन्दूओ के साथ मांब लिंजिग घटना पर मौन धारण कर लेते है। लेकिन केजीवाल अपने घर से  तीन km मिनट दुर रिंकू शर्मा के घर नहीं गये। पिछले दो साल में 11 हिन्दूओ की हत्या इसी महजबी कट्टरपंथी वजह से देश के राजधानी दिल्ली में हुई है।

जिस इस्लाम ने रिंकू शर्मा हत्या की थी उसी  इस्लाम की पत्नी को डिलीवरी के दौरान तबीयत बिगड़ गई, जिसके इलाज के लिए हॉस्पिटल में खून की जरूरत पड़ी थी। ऐसे समय में रिंकू ने अपना खून दिया था। केवल इतना ही नही,रिंकू ने इस्लाम के भाई को कोरोना संक्रमित होने पर अस्पताल में भर्ती भी कराया था।  उसके बदले में RinkuSharma को चाकू घोप कर मार डाला। रिंकू ने अच्छा किया। लेकिन इस्लाम ने अपने महजबी ग्रंथ अनुसार काफिर समझ कर उसे मौत दिया जाता है।

प्रश्न यही है कि क्या हिन्दूओ का जीवन का कोई कीमत नहीं है। क्या देश में हिन्दू होना अपराध है।#HindusLivesMatter

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