political analysis in bihar: अगले 72 घंटो क्या होने वाला , क्या फैसला लेंगे नितीश कुमार ?

political analysis in bihar:बिहार के राजनीति में बड़ी खबर सामने आ रही है जहाँ बड़े फेरबदल होने के संभवना जताया जा रहा है। सुत्रो हवाले मिली खबर के अनुसार भाजपा-जदयू के बीच सबकुछ ठीक नही चल रहा है। खबरे ऐसी आ रही है। कि दोनो का गठंबधन टुटने जा रही है। याद कीजिए 2015 को तब भी जुन – जुलाई महीने था , जब महागंठबधन छोड़कर नितीश कुमार एनडीए में आए थे , आज परिस्थिती वही आज एक बार फिर से नितिश कुमार एनडीए गठबधन अलग होने की संभवना जताया है। फिर से वही महागंठबन जा रहे जहाँ से छोड़कर आए थे।

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  • अगले 72 घंटे पटना से बाहर न जाएं विधायक
  • जानिए तेजस्वी-नितीश दुरी कैसे दुर हुई
  • पिछले 25 दिन से एक भी बैठक क्यों नहीं??
  • लालू परिवार पर सीबीआई की छापेमारी पर सियासत गर्म
  • RCP का क्या होगा?
  • नितीश के राजगीर दौरा चर्चा में

अगले 72 घंटे पटना से बाहर न जाएं विधायक

असल में आज जदयू ने अपने विधायक को अगले 72 घंटे पटना से बाहर नहीं जाने कहा जिसके बाद अटकले बाजार तेजी लगने लगा कि अब नितीश कुमार कुछ बड़ा करने जा रहे है। क्या वकई में नितीश कुमार कोई बड़ा फैसला लेने जा रहे है। इन सभी मुद्दो पर हम विस्तार से आगे बताएगे। लेकिन सब पहले इन तमान अटकलो पर जदयू ने खडंन किया है। जदयू तरफ साफ कहा गया कि पार्टी तरफ से विधायको के लिए ऐसा कोई आदेश जारी नहीं किया गया है। यानी जदयू बात माने तो मिडिया ने TRP के लिए बस ऐसे ये खबर चला दिया। लेकिन कहते है बिना आग के धुआँ थोड़े उगता है।

जानिए तेजस्वी-नितीश दुरी कैसे दुर हुई

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आप सोच रहे होंगे कि तेजस्वी – नितीश दुरी कैसे समाप्त हो गई इसे प्रकार समझिए पिछले एक महीने के घटनाक्रम देखें तो तीन ऐसे अवसर आए , जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव एक साथ नजर आए। इन मुलाकातों के दौरान दोनों ही नेता एक-दूसरे के साथ सहज नजर आए। गौर करने वाली बात ये है कि इससे पहले भी कई बार पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव की तरफ से नीतीश कुमार को इफ्तार पार्टी में शामिल होने का न्यौता मिलता रहा है लेकिन वे कभी इसमें शामिल होने नहीं जाते थे। लेकिन इस बार नीतीश कुमार पैदल चलकर अपने घर से राबड़ी देवी के आवास इफ्तार पार्टी में शामिल होने के लिए पहुंचे थे। इसके बाद जदयू तरफ इफ्तार पार्टी दी गई तब लालू परिवार ने भी नितीश घर पहुँचे।political analysis in bihar

जानिए कब गिरेगी नितीश सरकार

पिछले 25 दिन से एक भी बैठक क्यों नहीं??

इस समय अगर आप भाजपा- जदयू के नेताओ से पुछिए गा तो वो बोले गे कि अगले आने वाले घंटो में कुछ नही होने वाला है। लेकिन प्रश्न तो यही कि जब कुछ नहीं होने वाला है। सरकार में भी सबकुछ ठीक चल रहा है तो फिर कैबिनेट बैठक पिछले 25 दिनो से क्यों बुलाई गई । इसी पत्रकारो से बातचीत के दौरान बिहार सरकार के मंत्री श्रवण कुमार कहा कि एजेंडा के हिसाब से कैबिनेट की बैठक होती है। एजेंडा रहेगा तो बैठक होगी। यह मुख्यमंत्री का विशेषाधिकार है। उन्होंने कहा कि अभी कैबिनेट बैठक तय नहीं हुई है। जब तय होगी तो सबको पता चल जाएगा। इससे आप ये भी कह सकते है कि वर्तमान नितीश कुमार के सरकार एजेंडा विहीन हो गई है।

लालू परिवार पर सीबीआई की छापेमारी पर सियासत गर्म

बिहार के सियासत के गलियों में लालू परिवार पड़े रेड पर भी सियासत गर्म है। जहाँ बिहार के पुर्व सीएम जीतनराम माझी ने सीबीआई के छपा पर कहा कि ये सब करके भाजपा नितीश कुमार (NitishKumar) को डरा रहे है। वही मिडिया रिपोर्ट को माने तो कुमार (NitishKumar) ने पार्टी कार्यालय पर अपने मंत्रियों और विधायकों के साथ ही पूर्व विधायकों से भी मुलाकात की है। इस बैठक के बाद नीतीश कुमार ने लालू परिवार पर छापेमारी को लेकर एक सवाल के जवाब में कहा कि जिसने रेड किया है, वही बता पाएगा। नीतीश के इस बयान को लालू परिवार पर छापेमारी के लिए बीजेपी को जिम्मेदार ठहराने के रूप में देखा गया। आपको बताते चले कि 20 मई को लालू यादव से जुड़ी 17 जगहों पर सीबीआई की छापेमारी के राजनीतिक होने को लेकर भी चर्चा का बाजार गर्म है। चर्चा तो ये भी है कि नीतीश कुमार भाजपा के साथ गठबंधन तोड़कर RJD के साथ सरकार बनाने जा रही है ये पता चलते ही इसकी जानकारी भाजपा के केन्दीय नेतृत्व पता चल गया जिसके बाद जदयू और आरजेडी का गठबंधन रोकने के लिए ही ऐन मौके पर केंद्र ने लालू परिवार पर सीबीआई की छापेमारी करा दी। खैर इस बात तथ्यो आधार देखे तो सच भी कहा जा सकता है। क्योंकि सीबीआई इस पहले इस मामले छापेमारी नही की बल्कि तब किया जब ये खबरे आम गई नितीश तेजस्वी एक हो सकते है।political analysis in bihar

: nitish kumar vs tejashwi yadav

RCP का क्या होगा?

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बिहार के राजनीति में आगे RCP सिंह का क्या होगा इस पर सबकी नजर है। सबसे बड़ी अपडेट हम आपको देने जा रहे है। जो कि हमे जदयू सुत्रो हवाले मिली है। हम आपको ये बता दे कि RCP सिंह दुबारा राज्यसभा नहीं जा पाएगे। इस खबर पुष्टि स्वयं जदयू बैठक में शामिल नेता ने बताया है। जिनका कहना कि पिछले साल जब नरेंद्र मोदी मंत्रिमंडल का विस्तार हुआ और जेडीयू के सरकार में शामिल होने की बात आई तो नीतीश कुमार ने बीजेपी के साथ इसे लेकर बातचीत की जिम्मेदारी आरसीपी सिंह को ही सौंपी थी।नीतीश तब दो कैबिनेट और दो राज्यमंत्री का पद जेडीयू के लिए चाहते थे। तब जेडीयू के अध्यक्ष रहे आरसीपी सिंह ने केंद्र में केवल एक कैबिनेट मंत्री के बीजेपी के ऑफर पर डील फाइनल कर दी और खुद मंत्री बन गए। बताया जा रहा है। बताया जाता है कि तब आरसीपी सिंह के इस कदम से नितिश कुमार नाराज हो गये। जिसके बाद नितीश कुमार तय कर लिया था कि अगले बार वो आरसीपी सिंह नहीं भेजे गे। हमारे पास जदयू विश्वसनीय सुत्रो हवाले जो खबर मिली उसे माने तो आरसीपी सिंह जगह जदयू से नितिश कुमार एक पुर्व IAS अधिकारी राज्यसभा भेजे गे । आरसीपी सिंह का राज्यसभा कार्यकाल 7 जुलाई को पुर्ण हो रही है उस पहले उन्होंने मंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ेगा। बताया जाता है कि अगर आरसीपी सिंह का राज्यसभा टिकट नहीं मिला तो उनके जदयू समर्थक 15 विधायक और 5 सांसद अलग हो सकते है यानी जदयू फुट हो सकता है। इसी बात से नितिश कुमार डर हो गया जिसके बाद नितीश कुमार ने विधायक को पटना से जाने मना किया है।आपको बताते चले कि आरसीपी सिंह की बीजेपी के लिए काम करते है। ये बात किसी छिपी नहीं है।

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नितीश के राजगीर दौरा चर्चा में

असल में नितीश के एक दिवसीय दौरा राजगीर चर्चा में इसकी बड़ी वजह है जो कि हम आपको आगे बताएगे। जो लोग बिहार की राजनीति को करीब से समझते हैं उन्हे ये बताने अवश्यकता नहीं है। खैर स्वयं याद कीजिए 2017 में जब नीतीश कुमार ने आरजेडी के साथ गठबंधन तोड़कर बीजेपी के साथ सरकार बनाई थी तो उस दौरान गठबंधन तोड़ने से ठीक पहले कुछ दिनों के लिए वह राजगीर प्रवास पर चले गा। उस समय तेजस्वी के ऊपर भ्रष्टाचार के मुद्दे को लेकर विपक्ष बीजेपी हमलावर थी। मगर इन सबसे दूर नीतीश कुमार उस दौरान राजगीर में प्रवास कर रहे थे और पटना लौटने के साथ ही उन्होंने आरजेडी से गठबंधन तोड़कर बीजेपी के साथ सरकार बना ली थी।

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आगे क्या करेंगे नितीश कुमार

इस समय सबकी नजरें नीतीश कुमार पर टिकी हुई हैं। आखिर वो क्या निर्णय लेते है। खबरे ऐसी है कि 27 जुलाई को बिहार के सभी दलो के बैठक है। ये बैठक जाति जनगणना के मुद्दे पर है। जहाँ बिहार भाजपा भी समर्थन करते हुए दिख सकती है। अब देखना है कि आगे नितीश कुमार कौन से बड़ा फैसला लेने जा रहे है। जिसके लिए वो विधायक पटना ठहरने के लिए कहे है।

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