Sunday, November 28, 2021
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DNA ka full form क्या है?

 क्या आप जानते हैं कि DNA ka full form क्या है? डीएनए, यह नाम आपने कहीं न कहीं सुना ही होगा। यह शब्द ज्यादातर फिल्मों और न्यून्स में सुनने को मिलता है। न्यून्स में ज्यादातर बताया जाता है कि इस व्यक्ति का डीएनए टेस्ट किया जाएगा, इसके डीएनए टेस्ट में ये हटाकर आया आदि। आपने सुना तो कई बार होगा लेकिन आपको इस बारे में पता है।

आपके मन में ये जानने की जिज्ञासा जरूर होगी कि आखिर डीएनए क्या होता है, डीएनए की फुल फॉर्म, इसका क्या कार्य होता है, डीएनए टेस्ट क्या होता है और कैंसे होता है, इसका क्या महत्व है आदि। आज के इस आर्टिकल में हम आपको डीएनए की पूरी जानकारी देने वाले हैं जिससे आप डीएनए के बारे में काफी कुछ समझ पाएंगे।

वैंसे यदि आप 11 वी और 12 वी कक्षा साइंस स्ट्रीम से किए हैं तो इसमें डीएनए की काफी कुछ जानकारी दी जाती हैं वहीं जीव विज्ञान विषय से स्नातक किया जाए तो इसमें भी डीएनए फुल फॉर्म की विस्तारपूर्वक जानकारी दी जाती है। सबसे पहले तो हम आपको बताते हैं कि यह एक ऐंसी संरचना जो कि सभी जीवित कोशिकाओं में पाई जाती है अर्थात सभी जीवों में डीएनए पाया जाता है। डीएनए अमर होता है और पीढ़ी दर पीढ़ी ट्रांसफर होता है। इसलिए आज मैंने सोचा कि क्यों न आप लोगों को भी DNA Full Form in Hindi के विषय में जानकारी प्रदान की जाए। तो फिर से शुरू होने वाले हैं।

DNA क्या है – हिंदी में DNA क्या है

जीवित कोशिकाओं के गुणसूत्रों में पाए जाने वाले रेशेदार अणु को डीएनए कहा जाता है। डीएनए एक घुमावदार सीढ़ी की तरह आकार का होता है और हर जीव में पाया जाता है। डीएनए में आनुवंशिक गुण होते हैं और डीएनए हर जीवित कोशिका के लिए आवश्यक है।

डीएनए की खोज वर्ष 1953 में वैज्ञानिकों जेम्स और फ्रांसिस क्रिक ने की थी और इस खोज के लिए उन्हें वर्ष 1962 में नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। डीएनए एक अणु है जिसमें सभी जीवों के आनुवंशिक कोड मौजूद हैं। डीएनए सभी जीवों अर्थात मनुष्यों, पौधों, जीवाणुओं, जीवों, कीटाणुओं आदि में पाया जाता है।

हमारे शरीर में, डीएनए लाल रक्त कोशिकाओं को छोड़कर लगभग हर कोशिका में पाया जाता है। प्रत्येक व्यक्ति अपने माता-पिता से 23 ऐड डीएनए प्राप्त करता है, प्रत्येक ऐड मां द्वारा और एक पिता द्वारा प्राप्त किया जाता है। यानी किसी भी इंसान का डीएनए उसके माता-पिता के डीएनए के मिश्रण से बनता है। यही कारण है कि बच्चों में माता-पिता के कई लक्षण पाए जाते हैं, जैसे कद, त्वचा का रंग, बालों का रंग, आँखें आदि।

हिंदी में DNA का full form – 

डीएनए का पूर्ण रूप ‘Deoxyribonucleic acid’ है जिसे हिंदी में ‘डीऑक्सीराइबोन्यूक्लिक एसिड’ कहा जाता है। डीएनए कभी नहीं मरता है, यह अमर है क्योंकि यह पीढ़ी से पीढ़ी तक स्थानांतरित किया जाता है।

मानव डीएनए में लगभग 3 बिलियन आधार हैं और 99.9 प्रतिशत सभी मनुष्यों में समान हैं, बाकी 0.01 प्रतिशत सभी मनुष्यों को एक-दूसरे से अलग बनाते हैं। आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि चिम्पांजी और मनुष्यों के डीएनए के बीच 98 प्रतिशत समानता है।

D – Deoxyribo

N- nucleic

A- acid

आश्चर्यजनक बात यह है कि अगर मानव शरीर में मौजूद डीएनए को अलग कर दिया जाए, तो यह इतना लंबा होगा कि यह सूर्य से पृथ्वी तक 300 बार पहुंच जाएगा और वापस चला जाएगा।

डीएनए प्रत्येक कोशिका में 0.09 माइक्रोमीटर का स्थान रखता है। 1 ग्राम डीएनए में, 700 टेराबाइट की जानकारी संरक्षित की जा सकती है और 2 ग्राम डीएनए में, पूरी दुनिया के इंटरनेट डेटा को संरक्षित किया जा सकता है। डीएनए अपना खुद का मॉडल बनाता है ताकि हर नए सेल को उसके सेल डिवीजन के समय डीएनए मिल सके। हमारे शरीर द्वारा प्रतिदिन एक हजार से एक मिलियन डीएनए नष्ट होते हैं। दुनिया की सभी प्रजातियों की जानकारी एक चम्मच डीएनए में सुरक्षित की जा सकती है।

DNA टेस्ट और कैन्स क्या है?

आपने ज्यादातर डीएनए टेस्ट फिल्मों और खबरों में सुना होगा लेकिन शायद ही जानते होंगे कि डीएनए टेस्ट कैंसिल और क्यों होता है। वर्तमान में विज्ञान में लगभग 1200 प्रकार के डीएनए परीक्षण उपलब्ध हैं। डीएनए को एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी में स्थानांतरित किया जाता है। प्रत्येक मनुष्य के जीन में 46 गुणसूत्र होते हैं, जिनमें से 23 पिता के होते हैं और 23 माता के।

डीएनए अमर है। यदि किसी के डीएनए में उत्परिवर्तन का पता लगाया जाता है, तो इसे उत्परिवर्तन कहा जाता है, क्योंकि ऐसा माना जाता है कि यह रासायनिक दोष के कारण या सूर्य की पराबैंगनी किरणों के कारण हुआ है।

डीएनए में आनुवंशिक गुणों की पूरी जानकारी होती है। डीएनए टेस्ट की मदद से आनुवांशिक बीमारियों का पता लगाया जा सकता है और यह निर्धारित किया जा सकता है कि आने वाले समय में आपको कौन सी बीमारी होगी। डीएनए आंखों का रंग, बालों का रंग आदि भी सुनिश्चित कर सकता है।

मूत्र के नमूने, बाल, गाल की कोशिकाओं, रक्त और त्वचा आदि की सहायता से मनुष्यों में डीएनए परीक्षण किया जा सकता है। इन नमूनों की सहायता से, मान्यता प्राप्त प्रयोगशालाएँ डीएनए का परीक्षण करती हैं और परीक्षण रिपोर्ट आमतौर पर 10 से 20 दिनों के भीतर दी जाती है। डीएनए परीक्षण की ये प्रयोगशालाएं 5,000 से 50,000 रुपये तक लेती हैं, जो इस बात पर निर्भर करता है कि आप किस प्रकार का परीक्षण कर रहे हैं क्योंकि वर्तमान में विज्ञान में 1200 प्रकार के डीएनए परीक्षण उपलब्ध हैं।

DNA की खोज किसने और कब की?

डीएनए की खोज वर्ष 1953 में वैज्ञानिकों जेम्स और फ्रांसिस क्रिक ने की थी और इस खोज के लिए उन्हें वर्ष 1962 में नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।

DNA का महत्व

चिकित्सा के क्षेत्र में डीएनए बहुत महत्वपूर्ण है। डीएनए की खोज के बाद, इसका अलग-अलग तरीकों से अभ्यास किया गया है और इससे कई नई चीजें सामने आई हैं। वर्तमान में, चिकित्सा क्षेत्र के साथ-साथ कृषि, कानूनी जांच, फोरेंसिक जांच आदि में डीएनए का महत्व शुरू हो गया है। डीएनए कई अपराधों को सुलझाने में काफी मददगार साबित हुआ है।

डीएनए परीक्षण यह निर्धारित करने के लिए किया जा सकता है कि बच्चे का पिता कौन है या संबंधित व्यक्ति, भाई, बहन, चाची आदि के साथ कोई संबंध है या नहीं, डीएनए परीक्षण का उपयोग कृषि में अधिक प्रतिरक्षा और अच्छे प्रजनन जीवों की पहचान करने के लिए भी किया जाता है। इसी समय, डीएनए परीक्षण की मदद से चिकित्सा क्षेत्र में आनुवांशिक बीमारियों की पहचान करने और उन्हें अगली पीढ़ी के लिए रोकने का प्रयास किया जाता है।

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