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covid 19 vaccine news: जानिए दुनिया से कब समाप्त हो जाएगा कोरोना वायरस , वैक्सीन जुड़े चार बड़े सवालो का जवाब जाने

 

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आजकल अक्सर ही लोग एक दुसरे ये प्रश्न पुछते है कि (1)कोरोना वायरस कब समाप्त होगा ? कभी मन में ये ख्याल आता है कि क्या कोरोना वायरस पुरे जीवनकाल रहेंगा। इसके अलावा कई अन्य प्रश्न भी आता है - जैसे कि 


(2) कोरोना वैक्सीन दो डोज कितने महीने तक असर रहता है?


(3) कोरोना वैक्सीन लेने से क्या कोरोना वायरस से  पुरी मुक्त हो सकते है? 


(4) कोरोना वैक्सीन का कोई साइड इफेक्ट नहीं होता है।


इन सभी प्रश्नो को हल करेंगे ,  वैसे आपको बता दे कि मेरा फोकस हमेशा ही राजनीति विश्लेषण रहता है। वैसे में भी इन्ही प्रश्न का उत्तर के तलास में था , जब मुझे उत्तर मिल गया तब लगा कि आपको लोगो  के साथ भी साझा करूँगा। इन सभी सवालो का जवाब। वैसे जैसे कोरोना केस बढ़ रहे है , वैसे ही सोशल मीडिया पर डर कारोबार तेजी से वायरल हो रही है , इन वायरल मैसेज 100 प्रतिशत झुठ रहती है।  कुछ खबरे ऐसी रहती है कि कोरोना वैक्सीन लेने के बाद भी कोरोना वायरस हो गया है। जबकि ये खबरे बस आधी सच रहती तो आधी झुठ रहती है।


प्रश्न (1) कोरोना वायरस कब समाप्त होगा ?


उत्तर - इसका जवाब है कि आज से 100 साल पहले जो महामारी स्पैनिश फ्लू आई थी। वो पुरे तीन साल चली थी। उस समय कोई वैक्सीन नहीं बना था। आज दौर में तो हमारे पास वैक्सीन उपलब्ध है। स्पैनिश फ्लू से मरने वालो संख्या करीब 5 करोड़ से 10 करोड़ लोगों को मुत्यु हुई थी। वर्तमान में कोरोना वायरस की मरने वालो की संख्या 2.94 million है।  जब स्पैनिश फ्लूम महामरी आई थी तब दुनिया की आबादी कम थी। आज की बात करे तो पुरे विश्व की जनसंख्या  7.7 बिलियन यानी कि 777 करोड़ है•••  कोरोना वायरस के समाप्त की तारीख वो दिन जब भारत के जनसंख्या पुरे 100 प्रतिशत तो नहीं लेकिन करीब 80 प्रतिशत लोगो की वैक्सीनेशन हो जाता है। तो फिर कोरोना वायरस की ऐसी लहर का सामना नहीं करना पड़ेगा। जैसी वर्तमान में है।


(2) कोरोना वैक्सीन दो डोज कितने महीने तक असर रहता है?


उत्तर - प्रश्न है कि कोरोना वैक्सीन दो डोज कितने महीने तक असर इसका जवाब है कि कोरोना वैक्सीन की दोनों डोज लेने के 15 दिन बाद अमूमन शरीर में मजबूत रोग प्रतिरोधक क्षमता विकसित होती है जो 6 से 12 महीने तक इंफेक्शन से सुरक्षित रखेगी। इसका अर्थ है कि क्या एक साल बाद फिर से कोरोना की वैक्सीन लेनी पड़ेगी। जब मैंने इन प्रश्न उत्तर ढुढ़ने के  प्रयास की तो मुझे कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला है। 


 


(3) कोरोना वैक्सीन लेने से क्या कोरोना वायरस से  पुरी मुक्त हो सकते है?


उत्तर - कोरोना वैक्सीन लेने से क्या कोरोना वायरस से  पुरी मुक्त हो सकते है? जवाब बिल्कुल नहीं अगर आप कोरोना वायरस  वैक्सीन लेने के बाद पुरी सुरक्षित नहीं हो पाए गे। लेकिन पैनिक होने की अवश्यकता नहीं है। आपको कोरोना वायरस यानी कोविड 19 होगा परंतु पहले तरह जानलेवा नहीं होगा। अगर सोशल मीडिया पर ऐसा पोस्ट आता है कि कोरोना वैक्सीन लेने के बाद कोरोना वायरस हो गया है। तो वो पोस्ट पढ़कर पैनिक होने या शेयर करने की जरूरत नहीं है। वैक्सीन लेने के बाद आप पर कोरोना का असर बहुत ही कम रहता है। वायरल फिवर यानी  बुखार की तरह हो जाएगा।


(4) कोरोना वैक्सीन का कोई कोरोना वैक्सीन के साइड इफेक्ट नहीं होता है।

 

 

उत्तर-  कोरोना वैक्सीन का कोई साइड इफेक्ट नहीं होता है इसका जवाब है कि दुनिया में ऐसा कोई टीका नहीं जिसके लेने से कोई  साइड इफेक्ट ना हो। बच्चे भी कोई टीका लेते तो बुखार जरूर होती है। कोरोना वैक्सीन के साइड इफेक्ट fever ,fatigue, headache, muscle pain, chills, diarrhoea

,pain at the injection site जैसे कि हल्का बुखार और दर्द कोरोना वैक्सीन का आम साइड इफेक्ट है, जो टीका लगने के बाद कुछ लोगों में दिखाई दे सकता है। जो कि सामान्य है। अगर आप भी उस ऐज  ग्रूप आते है जिसमें वैक्सीन लगाया जा रहा है। तुरन्त ही लगा ले। डरने घबराने की अवश्यकता नहीं है। कोरोना वैक्सीन पुरी तरह से सुरक्षित है। भविष्य में कोरोना वायरस हमारे बीच मौजूद तो रहेगा, लेकिन उसका असर बहुत कम होगा। टारगेट ग्रुप को कोरोना की वैक्सीन देने से इंफेक्शन घटाया जा सकता है और मुमकिन है कि वायरस को नए लोग संक्रमित करने के लिए मिले ही नहीं। इंफेक्शन के केस कम होने पर वायरस कमजोर स्थिति में माना जाता है। वह वातावरण में मौजूद भी होगा तो उसका सेहत पर अधिक असर नहीं पड़ेगा।


ये थी आज का विज्ञानिक आधार पर विश्लेषण जो कि कई मेडिकल क्षेत्र के लोगो द्वारा ली गई जानकारी आधार थी।   


माना कि देश की इतनी बड़ी आबादी का वैक्सीनेशन कठिन कार्य है , हम उस देश निवासी है जो कि कठिन परिस्थिती देखकर रास्ता नहीं बदलते है।


हाँ मार्क्स लगाए और हाथो का सैनिटाइजर करे••

लॉकडॉउन कबतक होगा ??

और संपुर्ण देश में लॉकडॉउन का कोई खतरा नहीं है। ये बाते देश के स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर हर्षवर्धन ने कल india TV से बातचीत में कहा था। लेकिन शर्तो ये है कि कोरोना वायरस दौरान बनाए गये नियमो का 100 प्रतिशत पालन करे ... इसलिए लॉकडॉउन का पैनिक होने की अवश्यकता नहीं है।


नोट खास कर छात्रो के लिए विशेष जानकारी स्कूल व कॉलेज और कोचिंग सेटर जुलाई या अगस्त तक बंद रहना निश्चित है । बाकी इसे आगे खुलेगी या फिर नहीं आने वाले परिस्थिती निर्भर रहेंगा। बाकी नाइट कर्फ्यू 30 अप्रैल के बाद भी बढ़ने की उम्मीद जताए जा रहा है लेकिन समय में परिवर्तन हो सकता है। 




                   लेखक ---  शशि कांत यादव

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