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अमेरिकी राष्ट्रपति Joe Biden बार-बार democracy शब्द कहने अर्थ समझिए• सबसे सटीक विश्लेषण

  शपथ ग्रहण बाद अमेरिकी राष्ट्रपति Joe Biden (जो बिडेन) अपने भाषण बार-बार एक ही शब्द प्रयोग कर रहे थे , वो शब्द democracy जिसका हिंन्दी अर्थ है लोकतंत्र है। मैंने Joe Biden (जो बिडेन) पुरा भाषण को ध्यान सुना । तो वो  बार-बार democracy शब्द प्रयोग कर रहे थे। जिस शब्द कई मायने निकल सकते है। हम कह सकते है कि Joe Biden पास 50 साल भी ज्यादा राजनीति अनुभव है किंतु अमेरिकी राष्ट्रपति Joe Biden (जो बिडेन) भाषण सुने बाद यही लगता है कि वो स्वयं जानते है कि इस समय उनके सामने कठिन चुनौती है। उनको कांटे ताज मिला है। Joe Biden (जो बिडेन) उस देश के राष्ट्रपति बने का अवसर मिला जो सुपर पावर अमेरिका नही बल्कि कि दो विचारधारा विभाजित अमेरिका है।जो अमेरिका दुनिया भर देशों को लोकतंत्र ज्ञान देते थे।।क्या उसी अमेरिका लोकतंत्र खतरे में है।

Joe Biden
Images source www.whitehouse.gov

पश्चिम देश ये सोचते है कि लोकतंत्र उपहार उन्होंने भारत को दिया। किंतु वास्तविकता ये है कि democracy अर्थात प्रजातंत्र व्यवस्था भारत के DNA में है। में इस विश्लेषण ज्यादा बड़ा नही करना चाहता हूँ , अगर आप वेदो वर्णन करेंगे। तो पाएगे कि लोकतंत्र तो भारत के सदियो प्राचीन संस्कृत का हिस्सा है। लोकतंत्र हमे किसी ने उपहार नही दिया बल्कि हमारी प्राचीन संस्कृत हिस्सा है । 


खैर हम आज Joe Biden (जो बिडेन) भाषण का विश्लेषण करते है। Joe Biden (जो बिडेन) ने संबोधन अमेरिका एकजुट रखने बात कहे। इसका मतलब अमेरिका के वर्तमान राष्ट्रपति ये मानते है कि अमेरिका सुपर पावर नही रहा बल्कि कि दो विचारधारा में विभाजित हो चुका है। ये बात किसी छिपी नही है कि अमेरिका में श्वेत-अश्वेत की लड़ाई अमेरिका के सबसे बड़ी समस्या है। वर्तमान अमेरिका को अपने दुश्मन देशो से ज्यादा अपने लोगो से खतरा है। ये अजीब विडबंना है कि 21 सदी में भी अमेरिका रेसिज्म समाप्त नही हो पाई है। मुझे गांधीजी एक बात याद आई है कि गांधीजी कहा था कि मैंने अमेरिका तभी जाऊगा जब उस देश कोई महिला या अश्वेत राष्ट्रपति बनेंगा। खैर विषय चर्चा की अवश्यकता नही है। आज गांधीजी जीवित ना हो किंतु वास्तविकता किसी छिपी नही है कि आज अमेरिका नही बदला है। रेसिज्म उसी तरह होता जैसा कि गांधीजी समय होता था। 



अमेरिकी महिलाए व अश्वेत लोगो खुशी बात यही है कि अबतक कोई महिला राष्ट्रपति अमेरिका नही बना किंतु एक अश्वेत महिला उपराष्टपति जरूर बन गई है। 





मैंने एक न्यूज चैनल देख उसी बातचीत अश्वेत अमेरिकी ने कहा सरकार रिपब्लिकन बने या डेमोक्रेट के अश्वेत प्रत्येक दिन श्वेत के हाथो मारना है। इस आप समझ सकते है कि अमेरिका रेसिज्म कितना ज्यादा है। अमेरिका में एक कैपेंन चला था Black Lives Matter , लेकिन मेरा मानना है कि All Lives Matter है। क्योंकि अगर Black Lives Matter कहते तो इसका अर्थ हम समाज में रेसिज्म बढ़ावा दे रहे इसलिए All Lives Matter कहना चाहिए।



जो अमेरिकी मिडिया भारत के प्रधानमंत्री हिन्दू राष्ट्रवादी (Hindu nationalist) शब्द प्रयोग करता है। उसी अमेरिकी मिडिया प्रश्न है कि किसी देश में शपथ लेने पहले राष्ट्रपति चर्च जाने प्रथा हो ओर सविधान स्थान पर बाइबल पढ़ के शपथ ले तो उस देश कैसे धर्मनिरपेक्ष कहा जा सकता है। इसका उत्तर जरूर दे अमेरिका तथाकठित धर्मनिरपेक्ष ठेकेदार अमेरिका मिडिया इसका उत्तर जरूर दे। मेरा मकसद किसी अस्था प्रश्न चिन्ह खड़ा करना नही है। अगर ऐसा ही कोई भारत प्रधानमंत्री शपथ लेने पहले धार्मिक स्थल पर या फिर धर्मग्रंथ लेकर पद शपथ ले उसे यही अमेरिकी मिडिया धार्मिक नेता बताएगे।  अमेरिकी मिडिया जिस हिन्दू राष्ट्रवाद बात करते है , उस पर मैंने विस्तृत रूप से प्रकाश डालेगे किसी ओर लेख में।

 

आज दौर democracy अर्थात लोकतंत्र मुल सिद्धांत कही जीवित है तो भारत है। इसलिए अमेरिकी मिडिया को भारत विरुद्ध खबरे छापने बेहतर है कि वो अपने देश के नागरिको लोकतंत्र का ज्ञान दे।




 

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