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300 डिग्री तापमान पर भी जिंदा रह सकता है ये जीव – Most Toughest Creature On Earth

 

 300 डिग्री तापमान पर भी जिंदा रह सकता है ये जीव – Most Toughest Creature On Earth

सूर्य की घातक पराबैंगनी किरणों से बचना बहुत मुश्किल है। यह त्वचा कैंसर सहित कई बीमारियों की चपेट में है। लेकिन हाल ही के एक अध्ययन में यह बात सामने आई है कि पृथ्वी के सबसे कठोर जीवित जीव कहे जाने वाले 'वॉटर बियर' को इन किरणों से कोई नुकसान नहीं होता है। इस अजीब दिखने वाले जीव को टार्डिग्रेड्स या मॉस पिगलेट्स के नाम से भी जाना जाता है।


आमतौर पर, मनुष्य 35 से 40 डिग्री के तापमान पर परेशान हो जाते हैं, जबकि यह जीव 300 डिग्री फ़ारेनहाइट तक तापमान सहन कर सकता है। इतना ही नहीं, ये जीव अंतरिक्ष के ठंडे क्षेत्रों और मारियाना ट्रेच जैसे भारी दबाव वाले क्षेत्रों में भी जीवित रह सकते हैं। ये सारी बातें भारत में हुए एक शोध में सामने आई हैं।

भारतीय शोधकर्ताओं ने इस जीव के अंदर एक नया जीन पाया है, जिसे 'पैरामैक्रोबियोटस' कहा जाता है। पैरामैक्रोबियोटस एक सुरक्षात्मक फ्लोरोसेंट ढाल है, जो अल्ट्रा वायलेट विकिरण का विरोध करता है। यह जीन हानिकारक पराबैंगनी विकिरण को अवशोषित करता है और इसे हानिरहित नीली रोशनी में वापस लाता है। इसी समय, सामान्य जीव इन हानिकारक किरणों के बीच केवल 15 मिनट तक रह सकते हैं।

भारतीय विज्ञान संस्थान के बायोकेमिस्ट हरिकुमार सुमा ने अपने शोध पत्र में लिखा है कि हमारे अध्ययन से पता चला है कि 'पैरामैक्रोबियोटस' नमूने यूवी प्रकाश के तहत प्राकृतिक प्रतिदीप्ति प्रदर्शित करते हैं, जो यूवी विकिरण की घातक खुराक से बचाता है। ।

शोधकर्ताओं के अनुसार, इस जीव के 'पैरामैक्रोबियोटस' को हटाया जा सकता है और अन्य जीवों में भी स्थानांतरित किया जा सकता है। ऐसा करने से खतरनाक किरणों और विकिरण के बीच अन्य जीव भी जीवित रह सकते हैं। हालांकि, दूसरे देशों के विशेषज्ञ इस अध्ययन को अधूरा मान रहे हैं। इस अध्ययन के बारे में विभिन्न देशों के वैज्ञानिकों की अलग-अलग राय है।

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