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Super exclusive : kya modi sarkar Ambani ya Adani ka hai 2020 का सबसे बड़ा खुलासा Ambani Adani का मित्र कौन Narendra Modi या Rahul Gandhi

 2014 में केंद्र सत्ता परिवर्तन हुआ है उसके बाद भाजपा पुर्ण बहुमत की सरकार बनाती है , नरेन्द्र मोदी (Narendra Modi) देश के प्रधानमंत्री बने। उसके बाद उन्होंने ने ऐसे कई सख्त निर्णय लिए जो राष्ट्रहित के लिए अवश्यक था किंतु ये बाते खास तबके पंसद नही आया। उसके बाद से ये सब लोग नई रणनीति बनाई है जो कि इस प्रकार है कि सरकार के अच्छे काम को प्रसन्नता करती है तो वो Godi media या भक्त कहे जाएगे ,  इसका प्रत्यक्ष उदाहरण ये है कि देश में पहले 8 km प्रतिदिन सड़क बनती थी लेकिन अब 24 km सड़क बन रही है , अगर आप ऐसा कह दिया• तो आपको भक्त कहा जाएगा या फिर अगर आप पत्रकार है तो आपको godi media कहा जाएगा। वैसे godi media थ्योरी पर भी हम बहुत जल्द ही सबसे सटीक विश्लेषण लेकर आ रहे है। लेकिन आज का हमारा विषय - क्या मोदी सरकार अंबानी व अडानी का है। (kya modi sarkar Ambani ya Adani ka hai) जैसा कि वर्तमान दौर देखा जा रहा है नई कृषि विधेयक (farmers bill) को लेकर किसान आंदोलन में भी जिक्र किया जा रहा है कि वर्तामान सरकार अंबानी व अडानी फायदा पहुँचाने के उद्देश्य से नई  कृषि विधेयक (farmers bill) लेकर आई है , इसका वास्तविकता क्या है , आज हम आपको यही बताएगे। आज हमको बताएगे कि अंबानी व अडानी का यार कौन है मोदी या फिर राहुल। 

kya modi sarkar ambani adani ka hai
kya modi sarkar ambani adani ka hai


आज हम आंकड़े तथ्य (Fact) आधार पर बात करेंगे , आज जो लिखे उसके साथ सबुत भी पेश करेंगे। क्योंकि बिना तथ्य (Fact) कोई बात में नही कहता हूँ , विपक्ष व लिबरल मिडिया तरह नही जो आपके सामने झुठे तथ्य ( fact) रख दे। कहते है सच कड़वी होती है । लेकिन इसका ये मतलब नही है कि सच कहना और लिखना बंद कर दे••




Ambani &  Adani पिछले 6 सालो से विवाद विषय बन चुका है कि मानो Ambani &  Adani Modi ji के आने बाद व्यवसाय शुरू किया है। हम आज यही समझने की प्रयास करेंगे कि क्या मोदी सरकार आने के बाद Ambani &  Adani लाभ हुआ है। 





बिना फायदा भला कौन निवेश करना चाहेगा 


आप कोई व्यवसाय business) निवेश अपनी लाभ के लिए ही करेंगे। जिसमें लाभ ही ना हो उस पर  व्यवसाय (business) निवेश क्यों करेंगे। इसी थ्योरी को समझिए अंबानी व अडानी अगर निवेश करेंगे वो तो अपना लाभ भी देखेगे ही। क्योंकि उन्होंने भविष्य में भी व्यवसाय (business) करना है।


मेरे इस Article को लिखने का उद्देश्य कतई भी अंबानी व अडानी का  डिफेंस करना बल्कि कि आपको ये बताना है कि  नरेन्द्र मोदी (Narendra Modi) के प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री बने से पहले अंबानी व अडानी का सामाज्य कांग्रेस शासन में फल फूल रहा था। हाँ आप अंबानी व अडानी का आलोचना करने के लिए स्वतंत्र है। किंतु वास्तविकता जाना आप के लिए जरूरी है।



कांग्रेस शासन में सबसे ज्यादा लोन Businessman को दिया गया 


आपको जानकर हैराणी होगी कि कांग्रेस सरकार ने वर्ष 2005 से 2013 के दौरान 36.5 लाख करोड़ रुपए का लोन कॉरपोरेट घरानों को दिया था। इसमें अंंबानी और अडानी को 1,85,000 करोड़ का लोन दिया था। जिसके बाद Modi government 2016 में Congress के दिए गए लोन वापस लेने की प्रक्रिया शुरु की गई है। UPA शासन के दौरान Adani को 72,000 करोड़ और Ambani  को 1,13,000 करोड़ का लोन दिया गया था। मोदी सरकार के शासन में आने के बाद इन दोनों कॉरपोरेट घरानों के साथ-साथ कई अन्‍य कॉरपोरेट घरानों से लोन की रिकवरी शुरु हो गई है। लेकिन इनमें से जो लोन बांटे गये उसमें ज्यादातर bad Loan बन गये जिसकी कभी भी रिकवरी नही हो सका। क्योंकि युपीए काल में बिना जांचे परखे लोन दे दिया जाता था। ये वो दौर जब एक कॉल से बड़े से बड़े Businessman को लोन मिल जाता था। युपीए काल में 132 प्रतिशत bad Loan दिया गया है। इस से आप स्वयं समझ सकते है कि अंबानी व अडानी मित्र कौन है। 


गौदम अडानी शुरूआत की अपना व्यवसाय कांग्रेस का दौर 


गौदम अडानी (Gautam Adani ) जिन्होने 1988 में अडानी इंटरप्राइजेज लिमिटेड की स्थापना की। उस दौर में दिल्ली व गुजरात दोनो ही जगह कांग्रेस की शासन था। उसके बाद 1995 में उन्हे गुजरात में बंदरगाह बनाने की अनुमति मिली. उसी दौरान उन्होंने खाने के तेल बनाने के उद्योग गुजरात में लगाई . आपको शायद मालूम ना हो लेकिन फार्च्यून बांड  अडानी का है। आपको जानकर हैरानी होगी कि अंडानी ग्रुप 2010 में ऑस्ट्रेलिया में कोयले की खदाने खरीद ली उसके बाद वो भारत के सबसे बड़े कोयले के अयात कंपनी बन गई। 2010 में ही उन्होंने उड़ीसा में कोयले की खदानों का अधिकार प्राप्त किया। अब याद कीजिए उस दौर उड़ीसा और दिल्ली में कौन से राजनीति दल सत्ता में थी। वर्तमान दौर में इसका प्रत्यक्ष उदाहरण तौर पर देखे पंजाब व छत्तीसगढ़ को देखकर सकते है , इन दोनो राज्यो में कांग्रेस की सरकार में है । जो राहुल गांधी (Rahul Gandhi) अडानी का विरोध करते है। वही राहुल गांधी (Rahul Gandhi)  के कांग्रेस पार्टी के सरकार पंजाब में अडानी ग्रुप राज्य के किसानों के लिए बिजली का समझौता भी कर रही थी। पंजाब सरकार ने किसानों को सिंचाई के लिए बिजली उपलब्ध कराने के लिए एक टेंडर निकाला था। इसके अंतर्गत 7000 मेगावाट बिजली की सप्लाई की जानी है। यह बिजली 15 जून 2021 से 30 अगस्त 2021 के बीच सप्लाई किया जाना है। इस टेंडर में अडानी पॉवर ग्रुप ने 6100 मेगावाट बिजली सप्लाई करने का टेंडर सबसे कम बोली लगाकर हासिल कर लिया है। वही दुसरी तरफ छत्तीसगढ़ के कोरबा ज़िले में गिधमुड़ी और पतुरिया कोयला खदान को कांग्रेस पार्टी की सरकार ने गौतम अडानी की कंपनी को सौंपने का निर्णय किया है। विपक्ष में रहते हुए कांग्रेस पार्टी एमडीओ के तौर पर कोयला खनन का विरोध करती रही है और इसे बड़ा भ्रष्टाचार बताती रही है।यहां तक कि पार्टी के अध्यक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) कोयला खनन के इलाके में जा कर ग्राम सभा में मुद्दे पर राज्य और केंद्र की भाजपा सरकार को घेरने का काम करते थे। जब हम अपने रिसर्च कर रहे उसी दौरान हमे BBC news एक खबर मिली जिसमें BBC news पत्रकार ने छत्तीसगढ़ स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी लिमिटेड के अध्यक्ष और निदेशक शैलेंद्र कुमार शुक्ला से बातचीत किए थे , इस बातचीत में कहा कि इस मामले में निविदा आमंत्रित की गई थी और इसकी सारी प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। अडानी और उसकी सहयोगी कंपनियों को इसके लिये योग्य पाया गया है। 


अडानी ग्रुप का जवाब ?


इस विषय पर अडानी ग्रुप ने इमेल के माध्यम जवाब दिया जिसमें उन्होंने कहा कि खनन अनुबंधों को सक्षम अधिकारियों द्वारा निर्धारित नियमानुसार आयोजित अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धी बोली प्रक्रिया के माध्यम से दिया जाता है। कई अनुभवी संस्थानों ने परसा ईस्ट केते और गिदमुडी-पतुरिया खदानों के खनन अनुबंधों के लिए बोलियों में दिलचस्पी दिखाई थी। जो राहुल गांधी सत्ता रहते हुए अडानी ग्रुप का विरोध करते थे , अब वही राहुल गांधी पंजाब व छत्तीसगढ़ सत्ता आते ही अपने बात से पलटी मार लिया है , उसी अडानी का गोद में चले गये जिसका उन्होंने विपक्ष रहकर विरोध किया है। राहुल गांधी जरूर बताए अडानी ग्रुप जो पांच लाख से शुरू हुआ वो 25 साल में 47 करोड़ रूपये कंपनी हो गया है। ये 25 साल वो थी तब ज्यादातर समय कांग्रेस की सरकार थी। अडानी किसके दोस्त हुए। राहुल गांधी क्यों नही पुछते है अपने कांग्रेस की सरकार से। 


2009 से 2012 के बीच अडानी का net worth  16 गुना बढ़ गया। उस दौरान किसकी सरकार थी 

जाहिर सी बात युपीए की कांग्रेस की••  यूपीए चेयर पर्सन सोनिया गांधी थी। राहुल गांधी देश बताए गे कैसै net worth 16 गुना बढ़ गई। और इतना ही नही अडानी स्वयं कह चुके है कि उनका जो साम्राज्य खड़ा हुआ वो 1991 के P. V. Narasimha Rao सरकार के आर्थिक उदारीकरण के वजह से हुआ। अडानी के कंपनी को बड़े-बड़े बंदरगाह बनाने के लिए गुजरात में जमीने मिले वो कांग्रेस के मुख्यमंत्री chaman bhai patel और Shankersinh Vaghela राज्य मिले है। अब राहुल गांधी बताए कैसे मिल गई नही देते ना अडानी इतनी समस्या थी तो राहुल गांधी बताए क्यों कांग्रेस सरकार ने अडानी को इतना बड़ा होने दिया। देश का सबसे बड़ा बंदरगाह Mundra Port है अंडानी ग्रुप जब मिला तब राज्य में और देश में भी कांग्रेस सरकार थी।आज भी अडानी का 62 प्रतिशत income स्रोत है। वो बंदरगाह है जो कि कांग्रेस सरकार दी थी। कैसे दे दिया अडानी को। राहुल गांधी हमेशा कहते कि मोदीजी आने के बाद अडानी का  net worth बढ़ गया है। लेकिन वास्तविकता ये है कि अडानी के कंपनी 1 लाख 67 हजार करोड़ नये परियोजना (प्रोजेक्ट  project) निवेश किया है। अगर आप नई कंपनी निवेश करेंगे अपने आप बड़ा बनाएगे तो आपकी net worth बढ़ेगी। दुसरी कंपनी आप में निवेश करेंगी net worth बढ़गी। जैसे इतने साल बढ़ते आई इसका मतलब ये तो थोड़े है कि देश का प्रधानमंत्री अडानी का जेब जनता का पैसा डाल रहे है। एक आंकड़े ये भी है कि 2013 में जब युपीए सरकार थी तब अडानी के कंपनी 44 प्रोजेक्ट काम कर रही थी। ये प्रोजेक्ट किस ने दिया ये भी राहुल गांधी बताए। में ये नही कह रहा हूँ सब गलत तरीके दिए जब आप दुसरे आरोप लगा रहे है तो आपके राज्य में भी हुआ। 



ऐसे ही दोहरा चरित्र रखने वाले नेताओ की वजह से हमारा देश स्वतंत्रता 73 सालो के बाद भी पिछे है। किसी सच ही कहा कि जहाँ आम-आदमी सोचना बंद करते हैं वहाँ से नेता सोचना शुरू करते हैं इसलिए राजनीति में बहुत अधिक भ्रष्टाचार हैं. खैर अब हम आगे बढ़ते है अंबानी किस लाभ पहुंचाए उसे बताते है।






 Ambani किस लाभ मिला कांग्रेस से या भाजपा से



अंबानी जो भारत के सबसे अमीर है व्यक्ति है , अंबानी जी भाजपा शासन में ही भारत के सबसे अमिर व्यक्ति नही बने बल्कि वो कांग्रेस शासन में सबसे अमीर आदमी थे। उन पर हमेशा ही ये आरोप लगाए जाता है कि उनका संपत्ति भाजपा आने बाद बहुत तेजी से बढ़ी है , आज इस बात का भी जवाब देंगे । 



राहुल गांधी ( Rahul Gandhi) Ambani चिलाते - चिलाते नही थकते जैसे मानो कोई मोदी 6 साल में ही कोई अंबानी खड़ा हो गया है। लेकिन इसकी वास्तविकता ये है जब Rahul Gandhi की केन्द्र में सरकार थी तब कृष्णा-गोदावरी गैस प्रोजेक्ट में प्राकृतिक गैस की कीमत 4.2 डॉलर प्रति (MMBTU) एमएमबीटीयू से दोगुना बढ़ाकर 8.4 डॉलर कर दिया है । अब Rahul ji जरूर बताए युपीए काल में फायदा किसको पहुँचा जा रहा था। वहाँ किस Reliance कंपनी थी , कोई ओर थी क्या ? जिस modi ji आरोप लगाया जाता कि वो Ambani फायदा पहुुंचाते है। उस Narendra Modi कार्यकाल क्या हुआ आईए जानते हैं , मोदीजी सरकार ने  Reliance पर पहले 14 हजार करोड़ और फिर 2.5 हजार करोड़ fine लगाया है। इसके बाद कृष्णा-गोदावरी गैस प्रोजेक्ट के कीमत को घटाया है।और इतना ही नही Reliance पर 10 हजार करोड़  fine इसलिए लगाया है क्योंकि जो सरकारी कंपनी है। (ONGC) Oil & Natural Gas Corporation Limited हिस्से के गैस निकाल रहे है। और ऐसा भी नही था कि Ambani कंपनी ने मोदी सरकार आने के बाद गैस निकालना शुरू किया था। बल्कि 2009 में जब युपीए सरकार थी तब से गैस निकाल रहे थे । ONGC के साथ खड़े रहकर Narendra Modi सरकार ने जो fine लगाया वो लगाने जगह राहुल गांधी के युपीए सरकार में 4.2 डॉलर प्रति एमएमबीटीयू (British thermar unit) से दोगुना बढ़ाकर 8.4 डॉलर कर दिया था। जिसके वजह से Reliance फायदा हुआ। जिस Narendra Modi आरोप लगता है कि अंबानी के दोस्त उनके कार्यकाल क्या हुआ आईए जानते हैं।

अभी हाल में Reliance कंपनी है JIO उस पर 34 लाख रूपये का fine The Telecom Regulatory Authority of India (TRAI) ने लगाया है , नये नियम आए है इसमें नेटवर्क सही नही देने fine लगता है , JIO पर भी fine लगा  इसलिए नही छोड़ दिया गया कि तुम तो Narendra Modi के दोस्त हो Mukesh Ambani कंपनी हो। जैसा राहुल गांधी कहते है। 


सबसे बड़ा आरोप ये लगाया जाता है कि Mukesh Ambani का पैसा 2014 के बाद कैसे बढ़ गया है।  इसका जवाब ये है कि JIO के सफलता वजह से अंबानी का पैसा बढ़ा है।  2016 में 28 million Smartphone था अब 2020 में अकेले jio user 400 million हो गया है। इसकी वजह ये है कि  Jio सस्ती दर पर 4 G डाटा उपलब्ध करवाया है और मुक्त कॉल उपलब्ध करवाया वरना JIO के आने से पहले 4 g की हालात ये थी कि आप बड़े कंपनी खरीदने जाए 400 रूपये में 1 GB मिलता था , में स्वयं 2011 से  internet चला रहा हूँ उस समय 3 G नेट एक GB नेट कीमत 250 से 300 रूपये था। आज हमे 1.5 GB नेट  प्रत्येक दिन मिलता है। आज इसलिए सस्ता नेट मिल रहा क्योंकि JIO ने market तोड़ दिया आज सभी कंपनी  JIO competison के लिए 4G सस्ते कर रही है।  इतने सारे युजर जो जियो के साथ जुड़े इसका फायदा ये हुआ कि Facebook Google से लेकर 12 कंपनी JIO में निवेश किया है। जब इतनी बड़ी कंपनी निवेश करेंगी तो किसी भी कंपनी net worth बढ़ेगी। तो Mukesh Ambani की भी संपत्ति बढ़ेगी ना। इसको दिखाया ऐसा जा कि जैसे Narendra Modi ने देश पैसा उठाया अंबानी जेब में डाल दिया।


हमेशा ही राहुल गांधी मोदी सरकार अंबानी व अडानी सरकार बताते है लेकिन एक तस्वीर जो सोशल मीडिया पर खुब वायरल हो रही थी।जिसमें इंदिरा गांधी धीरूभाई अंबानी के साथ लंच कर रहे थे।

Dhiru Bhai Ambani having Lunch with PM Indira Gandhi
Dhiru Bhai Ambani having Lunch with PM Indira Gandhi

तो राहुल गांधी के लॉजिक से इंदिरा गांधी के सरकार सूृट-बूट वाली सरकार थी। राहुल गांधी ये जरूर बताए कि धीरूभाई ने जो Reliance 1967 में 15 लाख रूपये शुरूआत हुई वो 1999 में 10 हजार करोड़ रूपये कैसे हो गया है। इस दौरान भाजपा सरकार तो थी नही , तब तो Narendra Modi  प्रधानमंत्री नही थे। उस दौरान कांग्रेस की सरकार ज्यादातर थी। फिर सूृट-बूट वाली सरकार किसकी थी। अगर आप किसी net worth पर ये कहते है कि प्रधानमंत्री जनता पैसा अंबानी जेब डाल देते इसका जवाब जरूर दे कि 15 लाख से 10 हजार करोड़ कैसे हुआ।


अमेरिका के उदाहरण देते है जहाँ पर 2007 में तीन बड़ी कंपनी आई , जिसका नाम है Apple का iPhone, Android सिस्टम जिस से सभी Smartphone फोन बने है। तीसरा है फेसबुक , पिछले 10 सालो में ये तीनो विश्व की सबसे बड़ी कंपनी बन गई , तो क्या इसके लिए आप जॉर्ज बुस या ओबामा ब्लेम करेंगे।




मेरे इस लेख का अर्थ है कि किसी नए प्रोडक्ट की परिक्लपना करना और उस से व्यवसाय शुरू करना भी प्रतिभा होती है। जो कि हर कोई ये कार्य नही कर सकता है। अंत जो हमारे उद्दमी है उनको हमे समर्थन करना चाहिए लेकिन तब उद्दमियो का विरोध करना चाहिए और आलोचना करना चाहिए जो पर्यावरण नुकसान पहुंचाए , ग्राहको के साथ शोषण करे या फिर सरकार को रिशवत देखकर के अनुचित लाभ लेता हो।


अंत में यही कहना चाहता हूँ कि tata birla , Adani या Ambani कोई modi के 6 साल में नही बना है। इसके लिए किसी को  उत्तरदायित्व नही ठहराया जा सकता है। क्योंकि इन लोगो ने अपनी मेहनत लगन से अपना व्यवसाय खड़ा है।  tata birla , Adani या Ambani जो इन सबका देश विकास अमूल्य योगदान है। जिसे हम सभी को नही भुलना चाहिए।



लेखक राजनीति जानकार - शशिकांत यादव 














 






 























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