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सर्वे में बड़ा खुलासा: बिहार ड्राई स्टेट, लेकिन महाराष्ट्र से अधिक शराब पी रहे यहां के लोग

 

कहने को तो बिहार में शराब बंन्दी है लेकिन  वास्तविकता हाल आए एक रिपोर्ट मालूम पड़ता है  जिसमें बिहार ड्राई स्टेट होने के बाद भी महाराष्ट्र से ज्यादा शराब बिहार के लोग शराब पीते है।

Survey Claims In Dry State Bihar Men Consume More Alcohol Than In Maharashtra


आईए बिना देर करे आपको बताते है कि यह खुलासा राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वे 2019-20 के दौरान हुआ। 

बिहार में 2016 में नीतीश कुमार की लगातार तीसरी बार सरकार बनी तो उन्होंने राज्य के सबसे बड़े मुद्दे की नब्ज पकड़ी और शराबबंदी लागू कर दी। लेकिन बिहार की शराबबंदी से जुड़ा एक ऐसा आंकड़ा सामने आया है, जो नीतीश सरकार के होश उड़ा सकता है। दरअसल, ड्राई स्टेट घोषित होने के बावजूद बिहार के लोग महाराष्ट्र से अधिक शराब पीते  हैं।

महाराष्ट्र से भी ज्यादा शराब बिहार लोग पीते

Survey Claims In Dry State Bihar Men Consume More Alcohol Than In Maharashtra

इस सर्वे में बताया गया है कि बिहार की पुरुष जनता में से करीब 15.5 प्रतिशत लोग शराब का सेवन कर रहे हैं। उसमें 15 साल और उससे अधिक उम्र के लोग शामिल हैं। सर्वे में यह बात भी सामने आई है कि बिहार के ग्रामीण क्षेत्रो में शहरी क्षेत्रो के मुकाबले शराब की खपत अधिक है। दरअसल बिहार के शहरी क्षेत्रो में 14 प्रतिशत लोग शराब पी रहे हैं। जबकि ग्रामीण क्षेत्रो में यह आंकड़ा 15.8 प्रतिशत का है। बिहार में शराब पीने के आंकड़े इस वजह से गौर करने वाले हैं, क्योंकि राज्य में अप्रैल 2016 से पूर्ण रूप से  शराबबंदी लागू है।

सर्वे में पता चला है कि पुरुषों द्वारा शराब पीने के मामले में बिहार के बाद दूसरे नंबर पर महाराष्ट्र है। महाराष्ट्र में 13.9 प्रतिशत पुरुष आबादी शराब पीती है, जिनमें 15 साल और उससे ज्यादा उम्र के लोग शामिल हैं।

बिहार के महिलाए शराब पीने आगे ••

Survey Claims In Dry State Bihar Men Consume More Alcohol Than In Maharashtra

अब बात महिलाओ की , जैसा कि Nitish Kumar ने शराब बन्दी दौरान ये कहा था कि उनके निर्णय महिलाए प्रसन्न है। लेकिन शायद आंकड़े जान कर बिहार मुख्यमंत्री Nitish Kumar हैरान हो जाए। वास्तव महिलाए शराब पीने पुरूषो कम नही है।

अगर महिलाओं के शराब पीने की बात करें तो महाराष्ट्र और बिहार के आंकड़े एक जैसे हैं। हालांकि, ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में शराब की खपत पर गौर करें तो महाराष्ट्र के शहरी क्षेत्रों में बिहार के शहरी क्षेत्रों के मुकाबले महिलाओं द्वारा शराब की खपत कम है। बिहार के शहरी क्षेत्रों में 0.5 प्रतिशत महिलाएं शराब पीती हैं, जबकि महाराष्ट्र में यह आंकड़ा 0.3 प्रतिशत है। 

लेकिन महाराष्ट्र के ग्रामीण क्षेत्रों में बिहार के मुकाबले महिलाओं द्वारा शराब की खपत ज्यादा है। महाराष्ट्र के  ग्रामीण क्षेत्रों में 0.5 प्रतिशत महिलाएं शराब का सेवन करती हैं। जबकि बिहार में यह आंकड़ा 0.4 प्रतिशत है। गौरतलब है कि देश में सिक्किम में सबसे ज्यादा महिलाएं शराब पीती हैं। इनका प्रतिशत 16.2 है, जबकि 7.2 प्रतिशत के साथ दूसरे नंबर पर असम है।

अगर संपुर्ण जनसंख्या के हिसाब से शराब की खपत देखें तो तेलंगाना पहले पायदान पर है। यहां कुल आबादी में से 43.3 प्रतिशत लोग शराब पीते हैं। रोचक तथ्य यह है कि पार्टियों के लिए मशहूर गोवा इस मामले में पीछे है। यहां सिर्फ 36.9 प्रतिशत लोग ही शराब का सेवन करते हैं। गुजरात और जम्मू-कश्मीर में शराब पीने वालों का आंकड़ा काफी कम है। यहां क्रमश: 5.8 और 8.8 प्रतिशत लोग शराब का सेवन करते हैं। 

तंबाकू सेवन कौन आगे है

तंबाकू सेवन पर ध्यान तो पहले नंबर पर मिजोरम का नाम आता है। यहां 77.8 प्रतिशत पुरुष और 62 प्रतिशत महिलाएं तंबाकू का सेवन करते हैं। वहीं, पुरुषों द्वारा तंबाकू की सबसे कम खपत केरल और गोवा में है। यहां क्रमश: 17 और 18 प्रतिशत पुरुष ही तंबाकू खाते हैं। लेकिन महिलाओं द्वारा तंबाकू का सेवन हिमाचल प्रदेश में सबसे कम है। गौरतलब है कि यह सर्वे पूरे देश 6.1 लाख लोगों पर किया गया था।

इसमें एक आंकड़े वास्तव हैरान करने वाली बात है कि महाराष्ट्र और बिहार में 18 साल के कम उम्र के किशोर भी शराब पीते है। क्योंकि भारत में शराब पीने की उम्र 18 साल है। ऐसे में ये गंभीर विचारणीय प्रश्न है कि हमारी समाज अंदर ऐसी क्या कमियां है कि जिस उम्र पढ़ाई वो खेलने उम्र होती है , उस उम्र में शराब नशा से किशोर ( teenager) जुड़ रहे है , इस विषय हलके में नही ले सकते है क्योंकि बदलती समाज के लिए एक चिंता करने वाला विषय है। 



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