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shashi kant yadav bolg:FarmersProtest किसान भाईयो बहनो राजनीति दल आपको गुमराह कर रही राजनीति गिद्धो सावधान रहे और जाने अपने सभी सवालो का जवाब ....

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 में किसानो के साथ खड़ा हूँ , लेकिन किसानो को राजनीति गिद्धो सावधान रहना चाहिए .... धरती पुत्र किसान के साथ सदा ही राजनीति दलो ने विश्वासघाट किया है...


 कल मेंने जब DNA देख रहा था .. एक किसान भेस छुपे खालिस्तान आंतकी धमकी दे रहा था कि जो हाल इंदिरा गांधी का हुआ था वही प्रधानमंत्री मोदी का भी होगा

. ये खतरनाक बयान सुनकर आपको समझ आ जाना चाहिए कि ये आंदोलन अब किस दिशा में जा रहा है... इसलिए किसानो को सावधान रहना चाहिए , स्वयं को  राजनीति इस्तेमाल होने से बचाना चाहिए ... 



राजनीति दल कैसे लोगो को गुमराह करते उसका प्रत्यक्ष उदाहरण तो सिंगूर में किसानो की आंदोलन तौर देख सकते है , जब ममता बनर्जी (Mamata Banerjee ) ने केवल 20 प्रतिशत किसानो के लिए 80 प्रतिशत किसानो राय को नजर अंदाज कर दिया , जिसके बाद नतीजा ये हुआ कि  किसानो जमीन वापस मिल गया वो वर्तमान में खेती करने योग्य नही रहा है क्योंकि नैनो प्लांट ने कारखाने लगाने के लिए ईंट-पत्थर लगा सिंगूर किसानो जमीन अब खेती करने योग्य नही है .. अब कई किसानो ने माना है कि उन्हे राजनीति दल गुमराह किया है , एक News pattern के साथ बातचीत में कहा कि ढाई बीघा ज़मीन जबरन टाटा की नैनो कार परियोजना के लिए ली गई थी. उन्होंने कहा हमे राजनीति दल ने गुमराह जिसके उपरांत जमीन वापस पाने के लिए आंदोलन में हिस्सा लिया था. अब उन्हें लग रहा है कि ज़मीन पर फैक्टरी ही बन जाती तो अच्छा होता. वह कहते हैं, ‘ज्वार में जब नैया फंसती है तो लगता है कि भाटा आया होता तो अच्छा होता. भाटा आता है और नाव कीचड़ में अटक जाती है तो एहसास होता है कि ज्वार ही ठीक था. सिंगुर मामले पर हम किसानों की मनोदशा कुछ ऐसी ही है. शुरू में हमें लगा था कि ज़मीन मिल जाएगी तो सब ठीक हो जाएगा लेकिन अब लगता है कि सिंगुर फैक्ट्री 

ही बेहतर होता। इसी मामले में ममता बनर्जी ने किसानो गुमराह करके स्वयं सत्ता आ गई , किंतु दुबारा सिंगूर किसानो तरफ देखा भी नही है। बंगाल चुनाव और सिंगूर पुरी कहानी , सिंगूर किसानो का वर्तमान दौर में क्या सोच है वो भी बताएगे .. बहुत जल्द ही (coming soon) Shashiblog.in के  super exclusive blog में बताए गे ..  लेकिन अभीहम किसानो की आंदोलन  (FarmersProtest) बात कर रहे हैं।हम उसी विषय रहते है , मुझे लगता  कि आज सिंगूर किसानो उदाहरण देना जरूरी है ।


जब बात किसानो की आती है तो यही कहना चाहता हूँ , किसानो हर राजनीति दल ने विश्वासघाट किया है। ये प्रश्न 

 कांगेस  व भाजपा दोनो प्रमुख राजनीति दलो जरूर   पुछना चाहिए कि आजादी 70 सालो उपरांत भी किसानो की परिस्थिती क्यों नही सुधरी है...


किसी शायर लिखा कि किसान खेत में मरता है और किसान का बेटा फ़ौज में। नेता देश में ऐश करता है ,और उसका बेटा विदेश मे। आखिर कब तक???


नई कृषि विधेयक -


नई कृषि विधेयक (Farmbill2020) क्या इस पर मैंने यूट्यूब विडियो बनाए है पर और ब्लॉग भी लिखा , जिसमें बड़े आसान शब्दो इस पुरे विधेयक (बिल) को डीकोड किया था , जिसमें ये बताया था कि नई कृषि विधेयक बहाने कुछ राजनीति दल आपको गुमराह कर रही है ..


जिसे अगर आप यूट्यूब देखना चाहते है इस Link क्लिक करे - 



अगर आप website पढ़ना चाहते है तो इस Link क्लिक करे- नोट  Shashiblog.in देश एवं दुनिया सभी भाषा उपलब्ध है..  किसान बिल क्या है और जानिए आसान शब्दो में कृषि विधेयक 2020 पर सबसे सटीक विशेषण ...


जिसमें में ने बड़े आसान शब्दो बताया था कि नई कृषि विधेयक क्या किसान हित में है या फिर नही ..


 कुछ दिन पुर्व ही मैंने पंजाब के मालवा किसानो स्थिती zee news के शो DNA देखा था जिस पंजाब को फिल्मों और कहानियों में पंजाब के जिन किसानों को सबसे खुशहाल, समृद्ध किसान के रूप में दिखाया जाता है। उन किसानों के पास भी अब आत्महत्या के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा है। ये सुनकर कितना पिड़ा होता है कि जिस पंजाब मे समृद्ध किसान होते थे वहाँ पर किसानो स्थिती दयनीय हो चुकी है। महाराष्ट्र से भी अक्सर ही किसानो आत्महत्या करने खबरे सामने आती है. ध्यान देने वाली बात ये कि  इन दोनो राज्य में भाजपा शासन में नही है , मेरा प्रश्न यही कि जो कांग्रेस ये कहती हैं कि मोदी किसानो की दमन करती है , वही कांग्रेस उस समय खामोश हो जाती है जब ये पुछा जाता कि कांग्रेस शासित प्रदेश में किसानो स्थिती दयनीय क्यों है ???..


जो  राहुल गांधी  (Rahul Gandhi)  रैली में ये कहते नजर आते है कि कांग्रेस सरकार बनते ही 1 ,2,3 ,4,5•••••10 दिनो में कर्ज माफ कर दिया जाएगा .. किंतु वास्तविकता में पंजाब किसानो की कर्ज माफी नही हुई है ,


जिसे अगर आप यूट्यूब देखना चाहते है इस Link क्लिक करे -



अगर आप website पढ़ना चाहते है तो इस Link क्लिक करे- 

#FarmerWidows: पंजाब के आर्थिक तौर पर संपन्न किसानो के ऐसे दयनीय हालात में पहुँचाने के जिम्मेदार कौन है?

किसानो कर्ज माफी झुठे वादे वजह से पंजाब पिछले 10 साल में साढ़े तीन हजार से अधिक किसान आत्महत्या कर चुके हैं और उसमें से 97 प्रतिशत आत्महत्याएं पंजाब के मालवा इलाके में हुई हैं। उसका परिणाम ये हुआ है कि मालवा के जिन खेतों में किसान कभी कपास, गेहूं और धान उगाया करते थे। वही खेत अब किसानों के कब्रिस्तानों में बदलने लगे हैं।


वही कांग्रेस शासित प्रदेश महाराष्ट्र की स्थिती बहुत ही दयनीय है , यहाँ सबसे ज्यादा किसानो आत्महत्या  होती है , आपको बता दे कि देशभर में किसानों की होने वाली खुदकुशी का एक तिहाई यानि 34.7 फीसदी सुसाईड अकेले महाराष्ट्र में हुआ है. महाराष्ट्र में विदर्भ और मराठवाडा इलाके में सबसे ज्यादा किसानों की आत्महत्या के मामले सामने आ रहे हैं। राज्‍य में इस साल जनवरी से जून के बीच 1074 किसानों की आत्महत्या रिकॉर्ड की गई है यानी रोज़ाना औसतन 6 किसानों ने जान दी है. ... गौर करने वाली बात ये है कि महाराष्ट्र में भी कांग्रेस सरकार है , यानी राहुल गांधी अपना वादा यहाँ पर भी नही निभाया किसानो कर्ज माफी की ..


वैसे किसानो स्थिती ना कांग्रेस राज में अच्छा था ना भाजपा की राज में अच्छा है.. ऐसा हम इसलिए कह रहे क्योंकि महाराष्ट्र के ही नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो (NCRB) की 2016 की 'एक्सिडेंटल डेथ एंड सुसाइड' की रिपोर्ट के अनुसार 2016 में देश में 11,379 किसानों ने आत्महत्या की है। इसमें से 3,661 किसान महाराष्ट्र से थे। अगर 2016 के ही आंकड़ों को आधार माने तो औसतन रोज 10 किसान महाराष्ट्र में मौत को गले लगा रहे हैं। जबकि बहुत सारे केस सरकार की किसान आत्महत्या की परिधि में नहीं आए, साथ ही किसानों के बेटे-बेटियों की मौत को कृषि संकट में गिना नहीं जाता.. उस समय राज्य भाजपा सरकार थी , इसका सीधा अर्थ है कि किसानो के साथ सभी दल ने विश्वासघाट किया है...


वास्तविकता में देश की राजनीति दल किसानो को बस एक वोटर तौर देखती है, कभी किसानो तकलीफ समझने   प्रयास किया ही नही है .. अंत मेरा राय यही कि किसानो के लिए नई कृषि विधेयक बहुत उचित कदम है , क्योंकि मैंने जब पुरे विधेयक पढ़ा तो पाया है ,  बिंदु  (Point) किसानो की हित में है , में फिर कहना चाहता हूँ राजनीति दलो से गुमराह मत होईए। स्वयं निर्णय लिजिए क्या उचित है या फिर उचित नही है । कई मुद्दो पर किसानो की शंका है कि जिन मुद्दो किसानो को शंका उस पर हमने देश वर्तमान कृषि मंत्री  नरेन्द्र सिंह तोमर मिडिया बयान एवं रिसर्च रिपोर्ट के आधार blog लिखा है जिसे इस Link पर क्लिक करके पढ़ सकते है - किसान बिल क्या है और जानिए आसान शब्दो में कृषि विधेयक 2020 पर सबसे सटीक विशेषण ... 

किसान भाईयो व बहनो आपके मन में भी कोई प्रश्न है तो हमारे इमेल आईडी पर भेजे और हम उन सभी प्रश्न जवाब देश की कृषि मंत्री से लेंगे... हमारा इमेल आईडी-   trendingmedia22@gmail.com आपके सवाल के  कृषि मंत्री जवाब से हम अगले ब्लॉग बताएगे...


में ये भी कहना चाहता हूँ कि देश सरकारो ने पिछले 73 सालो से किसानो का शोषण किया है ... इस देश सरकार ने हमेशा किसानो के साथ विश्वासघाट किया है.. 




लेखक - शशि कांत यादव Shashi Kant Yadav

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