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Radical Islamic Terrorism: Fact के साथ देखिए मुगलो दौर कैसे हिन्दूओ का धर्मांतरण करवाया गया और जानिए परिवर्तित मुसलमान ...


कहते है कि सच कड़वा होता है , सच कहने या लिखने की साहस बहुत कम लोगो में होता है इस ब्लॉग में भी कुछ ऐसा है ,  आज दौर सच कहना कई बार कठिन होता है परंतु इसका अर्थ ये नही है कि हम सच ना कहे है ।। 

Radical Islamic Terrorism


कल रात करीब 2 बजे जब मैं एक पुस्तक पढ़ रहा था , वैसे मेरे लिए कोई नया बात नही अक्सर ही देर रात को ही पुस्तक पढ़ता हूँ , वो पुस्तक थी विभाजन की अंत कथा वैसे पुस्तक बहुत बेहतर विभाजन की हर विषय पर बात की गई है। जब मैने पेज नंबर 173 पहुँचा तो उसमें वर्तमान में विश्व की सबसे बड़ी समस्या रेडिकल इस्लामिक सोच के बारे बहुत ही महत्वपूर्ण fact मिली , जिससे ये साबित होता है कि रेडिकल इस्लामिक के बारे अंदाजा पहले से लगाया जा चुका था कि ये भविष्य में  गंभीर विषय साबित होगी। वो आज बिल्कुल सच साबित हो रही है।



 मुगल काल में भारत में बलपूर्वक धर्मांतरण करवाया जा रहा था। ऐसा इसलिए किया जा रहा है था कि मुगलो ये बखूबी मालूम था कि अगर वो ऐसा नही करते है तो भारत में मुगलो राज ज्यादा लम्बा नही होगा। इसके लिए मुगलो ने एक रणनीति बनाई थी कि एक तरफ हिन्दूओ को वो ये कहते है कि धार्मिक नियमो किसी भी तरह हस्तक्षेप नही करेंगे। दुसरी तरफ मुगल हिन्दूओ में बलपूर्वक धर्मांतरण करवाए। इस्लाम पुरी तरह अरबी धर्म है , जो लोग अरबी नही वो लोग मुसलमान है तो परिवर्तित है वो लोग उस देश के लिए सबसे ज्यादा घाटक है। ये शब्द मेरे लिए बल्कि कि नायपाल के है जो उस समय बियाण्ड बिलीव पुस्तक में विभिन्न देशों के परिवर्तित मुसलमानो के बारे लिखा था। उन्होंने क्या लिखा आईए जानते हैं विस्तार पूर्वक -


" अपनी उत्पत्ति में इस्लाम अरबी धर्म है। जो अरबी नहीं है पर मुसलमान है, वह परिवर्तित है। इस्लाम सिर्फ अन्तरात्मा या व्यक्तिगत विश्वास का सरल विषय नहीं है। यह साम्राज्य की मांग करता है। एक परिवर्तित व्यक्ति की विश्वदृष्टि बदल जाती है। उसके

पवित्र स्थान अरबी में हैं, उसकी पवित्र भाषा अरबी है। उसकी इतिहास की अवधारणा बदल जाती है। वह स्वयं का बहिष्कार कर देता है। वह इसे पसन्द करे या न करे, पर वह अरबी की कहानी का हिस्सा बन जाता है। एक परिवर्तित व्यक्ति को हर उस चीज से मुंह

मोड़ना पड़ता है जो उसकी अपनी है। समाज के अन्दर गहरी अशान्ति है, और हजार सालों के बाद ली अनसुलझी है...लोग इस बारे में कल्पनाएँ गढ़ लेते हैं कि वे कौन और क्या हैं। परिवर्तित देशों के इस्लाम में नकारवाद और उन्माद का तत्त्व रहता है। ये देश कभी भी आसानी से उबाल पर रखे जा सकते हैं।



इन शब्दो से आप आसानी समझ सकते है कि आज जिस तरह से आंतकवाद और जिहाद नाम पर पुरे विश्व में निदोष की हत्या की जा रही है वो पहले से आदंजा लगाए जा चुका था कि परिवर्तित मुसलमान पुरे विश्व के लिए घातक साबित होगा।



आगे पढ़ते पुस्तक अंक 


इसके पेज नंबर 175 लिखा है  कि इस्लाम की उत्पत्ति मुलत: कबीलाई संगठन रूप में  में हुई है। ये महजब पुरे विश्व तलवार से फैला है और अपने गहरे अन्तर्गुम्फन एकनिष्ट कट्टरता और निर्विवाद संरचना के बल पर बना रहा। उसमें किसी तरह के समायोजन या मध्समार्ग की सम्भावना नही थी। उसकी पुरी संरचना के गुच्छे से किसी को स्वतन्त्र रूप से अलग नहीं किया जा सकता था। इस्लाम का इतिहास जब इस धर्म के पास राजनीतिक शक्ति व सत्ता राज्य इस के अनुयायी का नियन्त्रण हो। जब और जहाँ उन्होंने ऐसा नहीं पाया कि वे शक्ति का केन्द्र नही है। तब वहाँ उन्होंने खुद को असहाय, कठिन व संकटपूर्ण परिस्थितियों में पाया है। इसे अगर आज के परिक्षेप( dispersion) में समझे तो जो फ्रांस में जो हो रहा या पुरे विश्व में आंतकवाद नाम जो निदोष लोगो की खुन बहा रहा है वो इसलिए क्योंकि इस्लाम एकमात्र ऐसा रिलीजन जो सत्ता बिना कभी नही रह सकता  है। 



एच.जी. वेल्स के शब्दों में इस्लाम इन करोड़ो मनुष्यों को दोषरहित तरीके से जितनी तेजी से विश्व में इस्लाम फैला उसमें करोड़ों मनुष्यों को धर्मान्तरित

क्रिश्चियन, जरुस्ट्रीयन, तूरानियन, सबको इस नये साम्राज्य ने अपने में आत्मसात् नहीं कर पाया। शहर, राष्ट्र, पूरे धर्म और प्रजातियाँ, यहूदी, मिलाया पर एकरसता और सामंजस्य न कर पाने से राजनीतिक सत्ता, धर्म, सामाजिक नियम सब अन्तत: तलवार की सत्ता का पर्यायवाची बनकर रह गये। वही उसका सत्य बना रहा। जब तलवार की सत्ता नहीं रही तब वह गहरे संकट में आ गया है। आसान शब्दो कहे तो आज जो पुरे विश्व आंतकवाद और जिहाद हो रहा वो इसलिए क्योंकि इस्लाम माने वाले कभी भी सत्ता बिना रह नही सकता है। 


भारत व पाकिस्तान विभाजन पिछे भी उसी रेडिकल इस्लाम जिम्मेदार है जो वर्तमान परिक्षेप( dispersion) में आंतकवाद रूप में दुनिया सामने है। पुस्तक और कई जानकारी थी जो कि मैं ने 

संक्षिप्त में वर्णन किया है। अन्य भाग को भी फिर किसी दिन संक्षिप्त वर्णन करूँगा।आशा करता हूँ आपको ये ब्लॉक पंसद आया होगा ।





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