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bihar election 2020 : कटिहार पिछड़े जिले में क्यों आता , जाने कटिहार के सातो विधानसभा क्षेत्र की समस्या


कटिहार जिले पर अबतक की सबसे सटीक विश्लेषण --


कटिहार जिले मतदान 7 नवंबर को है , कटिहार देश की सबसे पिछड़े जिले में आता है। उल्लेखनीय है कि नीति आयोग ने टीम ने कुछ साल पहले कहा था कि कोसी एवं रीगा नदी की धाराएं भी यहां से गुजरती है. नदी पर्यटन के लिए इस जिले में बेहतर संभावनाएं है. कटिहार एक कृषि प्रधान जिला है। वास्तविकता में कटिहार में पर्यटन क्षेत्र विकास किया गया होता , तो आज कटिहार पिछड़े  जिले में नही गिना जाता।



 टूरिज़्म के क्षेत्र में विकास किया गया होता तो आज कटिहार विकसित जिले में होता 


अगर #कटिहार जिले के  मनिहारी अनुमंडल के अमदाबाद प्रखंड अंतर्गत जंगला टाल इंग्लिश स्थित गोगाबिल झील प्रवासी पक्षियों के लिए प्रसिद्ध है। आपको बता दे कि यहाँ पर विदेश से भी पक्षी आते है जिसका नाम -लाल रीवाले ग्रीव, पोटचार्ड, स्पाटवील, टील, कूट, और ब्रहुमानी हंस शामिल है. इस स्थान को पक्षी विहार को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से कई स्तरों पहल की जा रही थी. लेकिन अबतक तक परिणाम नहीं निकला था. अगर टूरिज़्म के क्षेत्र कटिहार विकास किया गया होता तो आज कटिहार विकसित जिले में शामिल होता है परंतु निराशावादी और पुरानी सोच की राजनीति इस जिले को पिछड़े जिले शामिल करवा दिया। ऐसा नही कटिहार बर्बादी के लिए एक पार्टी या एक नेता जिम्मेदार है बल्कि सभी नेता कटिहार जिले के पिछड़ेपन के लिए जिम्मेदार है।


कटिहार जिले को पिछड़ेपन से निकालाना है तो सबसे पहले कटिहार जिले टूरिज़्म के क्षेत्र विकास करना पड़ेगा और कटिहार एक बेहतर टूरिस्ट स्पॉट में  बन सकता है । बिहार सरकार और कटिहार जन प्रतिनिधि टूरिज़्म क्षेत्र में डेवलपमेंट के लिए सही योजना बनाती तो आज कटिहार जिला विकसित जिलो शामिल होती है परंतु यहाँ निराशावादी राजनीति के वजह से कटिहार बिहार के टूरिज़्म केंद्र रूप पहचान नही बना सका , कटिहार नेता सच्चे मन कटिहार विकास करना चाहते है तो उस नेता को अगले पांच साल जनता प्रति पुरी निष्ठा और निष्कपटता के साथ कटिहार आधुनिक खेती एवं टूरिज़्म के क्षेत्र में डेवलपमेंट करने के लिए योजना बनाना चाहिए ।


टूरिज़्म क्षेत्र डेवलपमेंट किया गया तो कटिहार जिले की पलायन की समस्या का सामधान हो जाएगा । टूरिज़्म केंद्र कटिहार जिले बना तो कटिहार जिले में  रोजगार बढ़ेगा और पलायन समस्या लगभग समाप्त हो जाएगी। जो नदी कटिहार जिले के लिए बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदा की वजह विनासकारक साबित होती है वही नदी कटिहार जिले के लिए वरदान साबित हो सकती है।कटिहार लोगो के लिए जीवन की शैली बेहतर करने कटिहार जिले को टूरिज़्म क्षेत्र में विकास बहुत ही सही कदम साबित होगा । प्राकृतिक संसाधन सही प्रयोग करने से कटिहार जिला बेहतर टूरिस्ट स्पॉट के तौर निर्माण किया जा सकता वही प्राकृतिक संसाधन सही प्रयोग नही करने से बाढ़ जैसी विनासकारक तबाही का भी वजह बन जाता है।


जिले में मूलभूत संसाधनो की आभाव 


कटिहार के जनता को जिले मूलभूत संसाधनो की आभाव है जैसे कि ट्रैफिक लाइट (traffic light) नही इस वजह से road accident की संख्या लगातार ही बढ़ रहा है। कटिहार शहर नगर निगम में आता परंतु 

 ट्रैफिक लाइट (traffic light) व्यवस्था तक नही किया गया है। कटिहार शहरी क्षेत्रो हर साल बारिश में जल जमान स्थिती गुजरना पड़ता , इसके लिए जिम्मेदार कटिहार नगर निगम में कुसी के लिए राजनीति है जहाँ मेयर कुसी के लिए हर पल एक दुसरे विरुद्ध षडयंत्र रचा जाता है। कटिहार दुर्दशा के लिए निराशावादी राजनीति सबसे अधिक जिम्मेदार है। 


शिक्षा स्वस्थ स्थिती बात ना करे तो अच्छा है


शिक्षा व स्वस्थ सुविधा स्थिती की बात ही ना करे तो अच्छा है , ऐसा में इसलिए कह रहा हूँ क्योंकि पुरे बिहार सरकारी अस्पताल और स्कूलो स्थिती बहुत ही खराब है , परंतु नई शिक्षा नीति लागू होने के बाद उम्मीद जताई जा रही है शिक्षा की स्थिती बेहतर होगी। बिहार में सरकारी अस्पताल स्थिती बहुत लचर है तो इसके लिए बिहार के भ्रष्ट व्यवस्था जिम्मेदार है ये बाते मानिए ना मानिए बिहार में अफसरशाही एवं भ्रष्टाचार का जड़ अबतक समाप्त नही हो सका है । इसके लिए कही ना कही बिहार सरकार जिम्मेदार है।


 मतदान करने पहले इन सभी विषय पर जरूर सोचे आपका वोट आने वाला समय कटिहार जिले कैसा  होगा ये निर्धारित करेंगा , इस बार मतदान पहले ये जरूर ट्रैफिक लाइट (traffic light) व्यवस्था कटिहार जिले में क्यों नही हो सका। अंत आप से आग्रह है कि मतदान करते वक्त इस बात ध्यान जरूर रखे जो आपका जिले का विकास पुरी निष्ठा एवं निष्कपटता करे वैसे ही उम्मीदवार को ही विजय बनाए। 


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