Breaking News

bihar election 2020: exit poll katihar 2020 , जाने कटिहार किसका होगा ??? सबसे सटीक विश्लेषण


बिहार विधानसभा चुनाव समाप्त हो चुका है , कटिहार जिले में कुल 7 विधानसभा सीटे है आखिर किस सीट कौन विजय हो रहा है आईए विस्तार से जानते हैं...

Katihar


जैसा कि जानते है कि कटिहार में इस बार बहुत ज्यादा संख्या मतदान हुई है । परंतु किस पार्टी विजय तय नजर आ रही है आईए जानते हैं ..


कटिहार बारे कहा जाता है कि ये जिला हमेशा ही भाजपा के लिए बेहतर रहा है।


सबसे  पहले हम जानते हैं कि  कटिहार जिले के वोट प्रतिशत क्या कहती है ..


  कदवा में 62 प्रतिशत मतदान हुई , बलरामपुर विधानसभा क्षेत्र में 60.15 प्रतिशत, प्राणपुर में 65.05 तथा कोढ़ा में 67.07 प्रतिशत मतदान हुई है , मनिहारी में 62.81 %, बरारी में 66.76 %, कटिहार विधानसभा क्षेत्र 63 में पिछले बार से 2.09% कम मतदान हुआ है  कटिहार विधानसभा क्षेत्र 63 की बात करे तो यहाँ पर 61.52% प्रतिशत मतदान हुई है , यहाँ पर मतदान कम होने की पिछे दो बड़ी वजह पहली की ये शहरी क्षेत्र में आता है आम तौर देखा जाता है कि ग्रामीण क्षेत्र मुकाबले  शहरी आबादी कम वोट डालते है दुसरी जो सबसे बड़ी वजह है कि स्थानीय आरजेडी व भाजपा के उम्मीदवार गहरी नाराजगी है। आपको बता दे कि 2015 के मुकाबले  5% कम मतदान हुआ। 2015 के विस चुनाव में 63.61% वोटिंग हुई थी। कटिहार विस में 2.09% कम मतदान हुआ। सबसे ज्यादा  बरारी में 66.76 % और सबसे कम बलरामपुर में 60.15% वोटिंग हुई। 



अब हम आपको बताते कटिहार जिले सातो विधानसभा क्षेत्र से किसकी जीत होगी या फिर हार ??


कदवा सीट से


ये सीट से वर्तमान में कांग्रेस पार्टी के शकील अहमद खान  पास है। परंतु जनता उनके प्रति गहरी नाराजगी है। जिस वजह से पूर्व भाजपा नेता व वर्तमान LJP से उम्मीदवार डॉ चन्द्रभूषण ठाकुर की जीत तय नजर आ रही है , भाजपा से टिकट नही मिलने से वो नाराज हो गए थे परंतु  2015 के चुनाव हारने के बाद उन्होंने अपने क्षेत्र में जनता जुड़ाव रखा जिसका नतीजा वो जीत रहे है। वही एनडीए उम्मीदवार की बात करे वो कटिहार नगर निगम के उप मेयर है लेकिन वो टक्कर में नजर नही आ रहे है , यहाँ कांग्रेस Ljp के बीच टक्कर है।


प्राणपुर  की सीट 


इस सीट पर पुर्व मंत्री पिछड़ा व अतिपिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री सह प्राणपुर विधायक विनोद सिंह जिनका निधन कुछ महीने पहले ही हुआ है । उनके स्थान पर उनकी पत्नी चुनाव लड़ रही है जो कि आसानी जीत रही है । आपको बता दे इसकी वजह महागठबंधन सही उम्मीदवार नही होना और विनोद सिंह निधन उपरांत जनता में उनके प्रति इमोशनल होने की वजह से उनकी पत्नी आसानी जीत रही है।


बलरामपुर की सीट 


ये सीट पर निर्णय आम तौर मुस्लिम वोटर करते है इसलिए इस सीट महागठबंधन के जीत आसानी हो जाती है , यहाँ पर 66 प्रतिशत मुस्लिम वोटर है। इसलिए इस सीट कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया - मार्क्सवादी लेनिनवादी (CPIML) के महबूब आलम ने जीत तय है ।


बरारी सीट से


इस सीट पर स्थानीय विधायक बनाम बाहरी का मुद्दा परंतु यहाँ के वर्तमान विधायक नीरज यादव है , अच्छा कार्य किया सड़क व बिजली के क्षेत्र में परंतु जाति समीकरण विरुद्ध जा रहा जदयू नेता वर्तमान मेयर  विजय सिंह मलाल जाति से आते इस जाति की संख्या करीब 20 प्रतिशत इसी वजह इनका जीत तय नजर आ रहा है ।


 


कोढ़ा के सीट 


वर्तमान विधायक पूनम पासवान से जनता में गहरी नाराजगी है। इस वजह से पूर्व विधायक महेश पासवान की पत्नी कविता पासवान जीत तय है ।


मनिहारी सीट से


मनिहारी  सीट से वर्तमान कांग्रेस विधायक मनोहर प्रसाद सिंह जीत तय नजर आ रही है परंतु इन्हे जदयू उम्मीदवार कड़ा टक्कर दे सकता है लेकिन ljp उम्मीदवार ने बहुत से वोट काटा भी है । इस वजह से 

मनोहर प्रसाद सिंह की जीत तय नजर आ रहा है ।

 


कटिहार सीट से


कटिहार सीट से कांटे टक्कर है परंतु येन वक्त राम प्रकाश महतो कुछ विडियो को वायरल हो जाने की वजह से जनता ने तारकिशोर प्रसाद को ना चाहते हुए मतदान किया है । इस समय कटिहार शहर में जल जमाव और अन्य कई समस्या की वजह से तारकिशोर प्रसाद से जनता गहरी नाराजगी है। नतीजे दिन ये सीट 

कांटे टक्कर देखने मिलेगी और ऐसा हो सकता है कि इस सीट पर वर्तमान विधायक की हार हो जाए परंतु हमारा मानना है कि इस सीट तारकिशोर प्रसाद

जीत तय परंतु कांटे की टक्कर होगी। ऐसा इसलिए क्योंकि यहाँ पर ज्यादतर वोटर ने कहा कि आरजेडी व भाजपा उम्मीदवार से वो खुश नही है परंतु राम प्रकाश महतो तुलना जनता ने तारकिशोर प्रसाद को बेहतर माना है।


 ये थी अबतक की सबसे सटीक विश्लेषण आपको क्या लगता है।।। हमारे साथ बने रहिए Shashiblog.in  


No comments