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france terror attack : आतंकी हमले की शिकार महिला ने मरने से पहले कही थी ये भावुक कर देने वाली बात और जाने Radical islamic विरुद्ध फ्रांस ला रहा है नया कानून..

 फ्रांस (France) के नीस शहर के एक चर्च में आतंकी हमले में तीन लोगों की मौत के बाद राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों (President Emmanuel Macron) ने कहा है कि उनका देश इस्लामिक कट्टरपंथियों के खिलाफ मजबूती से खड़ा होगा। राष्ट्रपति ने देश में दूसरी बार हुए इस हमले को 'इस्लामी आतंक' (Islamic Terror) बताते हुए कहा कि फ्रांस अपने मूल्यों से कभी हार नहीं मानेगा।

President Emmanuel Macron



नीस शहर के चर्च नॉट्रे-डेम बेसिलिका में गुरुवार को एक प्रवासी ने 30 सेंटीमीटर के चाकू से वहां मौजूद लोगों को निशाना बनाया। इस हमले में 60 साल की एक महिला के साथ 55 साल के एक चर्च कर्मी का भी आतंकी ने गला काट दिया। जिससे दोनों की मौत  मौके पर हो गई। एक 44 साल की एक महिला भी इस हमले में घायल हो गई और भागकर एक रेस्टोरेन्ट में बचने के लिए घुसी परंतु वह स्वयं को बचा नहीं पाई।आतंकी ने उसे भी निशाना बनाया और बुरी तरह से जख्मी कर दिया।


फ्रेन्च केबल चैनल BFM TV के मुताबिक मरने से पहले महिला ने बोली कि  मेरे बच्चों से कहना  मैं उन्हें बहुत प्यार करती हूं। आपको बता दें कि हमलावर की पहचान 21 वर्षीय ब्राहिम औइस्सौई के रूप में हुई है जो पिछले महीने इटली आने के बाद फिर वहां से फ्रांस आया था। ब्राहिम के पास कुरान की एक प्रति थी और उसके साथ तीन चाकू भी उसने रखे हुए थे। महजबी नारा अल्लाह ओ अकबर नारा लगाते निदोष लोगो की हत्या की।जब पुलिस ने उस पर गोली चलाई तब भी उसने महजबी नारा लगाया। 



इस्लामिक कट्टरपंथ विरुद्ध फ्रांस ला रहा है नया कानून 


फ्रांस की राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों (President Emmanuel Macron) इस्लामिक कट्टरपंथ (Radical islamic) खिलाफ सख्त हो गई है , वो जल्द ही महजबी कट्टरपंथ विरुद्ध सख्त कानून भी लेकर आ रहे है । जिस से फ्रांस के Republic यानी गणतंत्र के मूल्यों की रक्षा के लिए नया कानून लेकर आ रहे है और ये कानून सबका उद्धार करते हुए सबको बराबरी का अधिकार देने का वादा करता है। इससे एक बड़ी बात ये है कि फ्रांस अपने यहां कट्टरवाद से लड़ाई लड़ेगा, अल्पसंख्यकों की शिक्षा और स्वास्थ्य में निवेश किया जाएगा ताकि इन लोगों को कट्टरपंथ के रास्ते से हटाकर विकास के रास्ते पर लाया जा सके। इस कानून के जरिए फ्रांस में अलगाववाद फैलाने वालों पर भी सख्ती बरती जाएगी। इस कानून के तहत फ्रांस की सरकार अपने देश की मस्जिदों पर नजर रख पाएगी और वहां शिक्षा देने वाले धर्म गुरुओं को नए सिरे से ट्रेनिंग दी जाएगी और उन्हें सर्टिफिकेट दिया जाएगा। कुल मिलाकर मैक्रों के फ्रांस में इस्लाम का फ्रेंच संस्करण विकसित किया जाएगा। जिसमें फ्रांस के धर्मनिरपेक्षता के मूल्य शामिल होंगे और फ्रांस के मुसलमानों को वहाबी और कट्टरपंथी सोच का शिकार होने से बचाया जाएगा। मैक्रों एक नेता के तौर पर दुनिया भर के लिए मिसाल बन सकते हैं क्योंकि वो बिना किसी से धार्मिक आजादी छीने, अपने देश के लोगों को ज्यादा सुरक्षित और ज्यादा सेक्युलर माहौल देने की कोशिश कर रहे हैं और अपना ये उद्देश्य हासिल करने के लिए वो इस्लामिक कट्टरपंथी ताकतों से टकराने के लिए भी तैयार हैं।


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