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Blog shashi Kant yadav : Hindi Diwas Special हिंदी दिवश पर खास , ओर जानिए IWMN के नेटवर्क भविष्य के योजना ..

 हिंदी दिवस पर स्पेशल ब्लॉग 

Hindi Diwas

आज हिंदी दिवश (Hindi Diwas) है हम सब बचपन के सुनते आ रहे है हिन्दी हमारा मातृभाषा हिंदी है लेकिन शायद बहुत कम लोगो को ही मालूम है कि हमारे देश के संविधान में कोई भी भाषा राष्ट्रभाषा नहीं है।

हमारे देश का जब संविधान बना था संविधान_निभाता डाॅ भीमराव आंबेडकर (Dr. Bhimrao Ambedkar) कहा था। संविधान लागू होने के 15 वर्ष के बाद भारत का राष्ट्रभाषा हिंदी होगी लेकिन हमारे राजनीति ना कभी वो 15 वर्ष आने दिया ना कभी हिंदी को आगे बढ़ाने के लिए कुछ किया ,शायद भारत ही दुनिया के एक मात्र देश होगा जिसका कोई राष्ट्भाषा नहीं है |

हमारे देश आम बात है सॉरी हमारी हिन्दी अच्छी नही है , तो उसे पढ़ा लिखा मान लिया जाता है। अगर कोई ये कह  दे कि सॉरी मेरा English अच्छा नही है उसे अनपढ़ मान लिया जाता है। प्रश्न ये है कि हमारे देश आजादी मिले कई साल चुके आज भी हमारे लोगो सोच गुलामी दौर में क्यों है।  में ये कहता हूँ हमे English बोलना ओर पढ़ना नही सीखना चाहिए , हमे जरूर सिखना चाहिए , लेकिन हम ज्यादातर मौके हिंदी भाषा बोलना , पढ़ना ओर लिखना चाहिए. में खुद भी कम से कम 15 भाषा बोलना सिखना का चाहता हूँ , लेकिन मैंने एक चीज निश्चय किया है कि मैंने सोशल मीडिया जब भी कुछ लिखे वो अपने हिंदी भाषा में ही ..

Hindi Diwas

हिंदी भाषा बोलने वालो की संख्या

बोलने वालों की संख्या के अनुसार अंग्रेजी और चीनी भाषा के बाद पूरे दुनिया में चौथी सबसे बड़ी भाषा है। लेकिन उसे अच्छी तरह से समझने, पढ़ने और लिखने वालों में यह संख्या बहुत ही कम है। यह और भी कम होती जा रही। इसके साथ ही हिन्दी भाषा पर अंग्रेजी के शब्दों का भी बहुत अधिक प्रभाव हुआ है और कई शब्द प्रचलन से हट गए और अंग्रेज़ी के शब्द ने उसकी जगह ले ली है। जिससे भविष्य में भाषा के विलुप्त होने की भी संभावना अधिक बढ़ गई।

दुनिया कई देश अपने मातृभाषा

दुनिया ऐसा कई देश है जहाँ के लोग उस देश के मातृभाषा को सामान करते है।जैसे कि हमारा पड़ोसी देश चीन के लोग अपनी चीनी भाषा बोलते है , जापान के लोग जापानी में बात करना पसंद करते है,इसके अलावा कई और देश जहाँ के लोग अपने देश राष्ट्रभाषा को अधिक महत्व देते है।

सबसे बड़ा सवाल है की अखिर हिंन्दी का ये स्थिती का जिम्मेदार कौन है ?

इसके जिम्मेदार वह मानसिकता जो अंग्रेजों चले जाने के बाद आज भी मानसिक रूप से गुलाम है , जिन लोगो की सोच अक्सर यही रहती है कि हिंदी बोलने वाले अनपढ़ होते है। हमारे राजनिति दल भी हिंदी भाषा हालात के लिए जिम्मेदार है , जो वोट बैक चक्कर में हिंदी भाषा वो सम्मान नही  नही देते है , जिन लोगो  मानसिकता बन चुकी है English बोलने वाले ज्यादा पढ़े लिखे होते , मैंने  उन लोगो ये कहना चाहता हूँ कि मैंने ऐसे कई लोग जानता हूँ जो English तो अच्छे बोल देते है , लेकिन जब भी Gk प्रश्न पुछता हूँ जवाब नही दे पाते है , कई लोगो के पास कोई डिग्री भी नही वो भी अंग्रेजी बोल लेते है।आपके मन भी ये धारणा है कि अंग्रेजी बोलने वाले ज्यादा पढ़े लिखे है तो आपके ये धारणा बिल्कुल ही गलत निराधार है ।

जानिए कितने देश हिन्दी बोला जाता है और पढ़ा जाता है?

ऐसे कई विदेशी देश है जहाँ पर हिन्दी बोला जाता है ! जिसके नाम इस प्रकार है मॉरिशस , नेपाल, यूएई , श्रीलंका, ऑस्टेलिया , न्यूजीलैंड, ब्रिटेन , अमेरिका, और फिजी आदि देशो में हिन्दी बोली जाती है और समझी जाती है|

डिजीटल दुनिया लोकप्रियता को बढ़ा रही है हिन्दी भाषा की

इन्टरनेट युग लगातार हिन्दी लोकप्रियता बढ़ रही है और कई साफ्टवेयर कम्पनी ने अब हिंदी भाषा साफ्टवेयर बना रहे है इसका मुख्य वजह यही भारत के अधिक हिंदी भाषा को ही समझते है। जिसके वजह से ही साफ्टवेयर कम्पनी हिंदी भाषा ज्यादा दिलचस्पी लेने लगे है।एक लंबे समय तक हिन्दी के अखबारों, पत्रिकाओं, रेडियो, टीवी और सिनेमा ने हिन्दी के प्रसार में अहम भूमिका निभाई। वहीं इंटरनेट के विस्तार और वर्ष 2007 में यूनिकोड फॉण्ट आने के बाद हिन्दी और भी समृद्ध हुई। डिजिटल क्रान्ति के इस युग में वेबसाइट्स, ब्लॉग और फेसबुक व ट्विटर जैसे सोशल मीडिया ने तो हिन्दी का दायरा और भी बढ़ा दिया है। आपको बता दे कि मेरा ब्लॉग साइट Shashiblog.in जो कि हिंदी भाषा में है , जिसकी लोकप्रियता बहुत कम समय में अमेरिका युरोप चीन , समेत कई विकसित देशो पढ़ा जाने वाला साइट बन चुका है वो भी केवल 378 दिनो के अंदर ही , इसी साथ मैंने जल्द लॉन्च करने जा रहा हूँ वेब पोर्टल जो कि हिंदी भाषा में न्यूज पोर्टल होगी। इसके अलावा जल्द ही online पत्रिका (Magazine) भी लॉन्च करने जा रहा हूँ..इसके अलावा हम ऐसे एप्लीकेशन लॉन्च करने जा रहे जो दुनिया भर हिंदी भाषा बढ़ावा दे , वैसे मैंने ये बड़े ऐलान हिन्दी दिवस के पावन अवसर में इसलिए किया क्योंकि मुझे लगा इस बड़ा दिन कोई ओर दिन नही हो सकता है । आपको बता दे सभी वेब पोर्टल, एप्लीकेशन व पत्रिका (Magazine) India web media network यानी (IWMN) जरिए लॉन्च किया जाएगा। हम पुरा प्रयास करेंगे जल्द-जल्द से इन सभी वेब पोर्टल व एप्लीकेशन लॉन्च किया जाएगा। मेैंने भी मोदीजी के लोकल फॉर वोकल नारा प्रभावित हुआ, इसलिए हमारा लक्ष्य है कि IWMN तहत youtabe चैनल या ब्लॉग साइट तक ही सीमित नही रहेंगे बल्कि हम अब नेटवर्क बन के वेब पोर्टल, एप्लीकेशन व पत्रिका (Magazine) लॉन्च करने जा रहे है।

जैसे-जैसे विश्व में भारत नाम बढ़ रहा है उसे ही दुनिया हिंदी भाषा तरफ देख रही है

जैसे-जैसे विश्व में भारत के प्रति दिलचस्पी बढ़ रही है वैसे-वैसे हिन्दी के प्रति भी रुझान बढ़ रहा है। आज परिवर्तन और विकास की भाषा के रूप में हिन्दी के महत्व को नये सिरे से रेखांकित किया जा रहा है। हिन्दी आज सिर्फ साहित्य और बोलचाल की ही भाषा नहीं, बल्कि विज्ञान, प्रौद्योगिकी से लेकर संचार क्रांति और सूचना प्रौद्योगिकी से लेकर व्यापार की भाषा भी बनने की और अग्रसर है।

अंतिम में यही कहना चाहता हूँ कि जो देश अपने मातृभाषा को सामान नही दे सकता है वो देश कभी भी विश्व गुरू नही बन सकता है । आप समस्त देशवासियों को हिंदी दिवस (Hindi Diwas) की शुभकामनाएं |


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Founder- shashi Kant yadav 

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