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bihar election 2020: ये बिहार के 10 मुख्यमंत्री साल भर भी नहीं संभाल पाए अपनी कुर्सी

 नमस्कार दोस्तों बिहार में चुनाव 2020 (BiharElections2020) का ऐलान हो गया है।आज हम बिहार के ऐसे मुख्यमंत्री नाम बताईए गे जो अपना एक साल यानी  365 दिन भी अपनी कुर्सी बचाए रखने में सफल नहीं हुए। जैसा कि आप जानते है कि बिहार राजनिति रूप काफी जागरूक प्रदेश है।बिहार राजनिति कभी कुछ भी संभव हो जाता है। यहां पर कुर्सी हासिल करना कठिन तो है ही लेकिन उससे ज्यादा कठिन है उसे बचाए रखना। बिहार( bihar) के मुख्यमंत्रियों का भी ऐसा ही इतिहास रहा है। बिहार में सीएम की कुर्सी पर अब तक 23 नेता पहुंचे हैं लेकिन उसमें से 13 ऐसे थे जो साल भर से ज्यादा अपनी कुर्सी संभाल नही पाए 10 नेता तो ऐसे थे जो साल के 365 दिन भी अपनी कुर्सी बचाए रखने में सफल नहीं हुए।



(1) सतीश प्रसाद सिंह


सबसे कम समय तक मुख्यमंत्री सतीश प्रसाद सिंह. संयुक्त सोशलिस्ट पार्टी के नेता सतीश प्रसाद सिंह सिर्फ पांच दिनों के लिए ही मुख्यमंत्री बन पाए थे।1967 में हुए चौथे विधानसभा चुनाव में कांग्रेस बहुमत हासिल नहीं कर पाई. इसलिए पहली बार बिहार में कांग्रेस के इतर कोई पार्टी सरकार में आई।



(2) महामाया प्रसाद सिन्हा



1967 में जनक्रांति दल में रहे महामाया प्रसाद सिन्हा पहले गैर-कांग्रेसी नेता थे जो सीएम तो बने लेकिन वो भी साल भर कुर्सी संभाल नहीं पाए, उन्हें 330 दिनों में ही अपनी कुर्सी छोड़नी पड़ी. इसके बाद सतीश प्रसाद सिंह आए लेकिन पांच दिन में चलते बने।


(3) बीपी मंडल 


उसके उपरांत बीपी मंडल को मुख्यमंत्री बनाया गया। शपथ ली। कार्यकाल संभाला ही था कि कठिन से एक महीना काम कर पाए।31 दिनों में ही उन्होंने भी अपनी कुर्सी छोड़नी पड़ी। 




(4)  दीप नारायण सिंह 


 

कांग्रेस के दीप नारायण सिंह बिहार के मुख्यमंत्री तो बने परंतु 18 दिन से अधिक अपनी कुर्सी संभाल नहीं पाए। उन्हें मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा। दीप नारायण सिंह 1 फरवरी 1961 से 18 फरवरी 1961 तक मुख्यमंत्री रहे थे।


(5) हरिहर सिंह 



कांग्रेस के ही हरिहर सिंह भी 117 दिन में अपनी मुख्यमंत्री का पद और कुर्सी गंवा बैठे। क्योंकि गठबंधन की सरकार अधिक दिन चल नहीं पाई। ये मामला है साल 1969 का हरिहर सिंह की कुर्सी बजट सेशन के बीच गई थी।



(6.) सत्येंद्र नारायण सिन्हा



अब बात करते हैं कांग्रेस के ही सत्येंद्र नारायण सिन्हा की,  ये 270 दिन तक मुख्यमंत्री रहे। ये बात है 11 मार्च 1989 से 6 दिसंबर 1989 तक की। बिहार राज्य के 19वें मुख्यमंत्री थे। उन्होंने बिहार लोग प्यार से छोटे साहब भी बुलाते थे।


(7.) दारोगा प्रसाद राय



दारोगा प्रसाद राय कांग्रेस पार्टी से थे, उन्होंने 16 फरवरी 1970 से 22 दिसंबर 1970 तक मुख्यमंत्री की कुर्सी संभाली, यानी कुल मिलाकर 310 दिन  उनकी ही पोती ऐश्वर्या राय से लालू यादव के बेटे तेज प्रताप की विवाह हुई थी, जो ज्यादा दिनों तक चल सका।



(8.)जीतन राम मांझी 



जीतन राम मांझी अभी हम पार्टी के अध्यक्ष है। मुख्यमंत्री तब बने थे जब नीतीश की पार्टी जदयू में थे. जीतन राम मांझी 20 मई 2014 से 20 फरवरी 2015 तक मुख्यमंत्री रहे। 



(9.) भोला पासवान



कांग्रेस के भोला पासवान शास्त्री तीन बार मुख्यमंत्री बने परंतु तीनों कार्यकाल मिलाकर भी वो एक साल का समय पूरा नहीं कर सके. 1968 से 72 के बीच की ये बात है, पहली बार 100 दिन दूसरी बार 13 दिन और तीसरी बार 222 दिन. यानी कुल मिलाकर 335 दिन।


(10.) राम सुंदर दास


जनता पार्टी के राम सुंदर दास 302 दिनों तक मुख्यमंत्री रहे,  ये 21 अप्रैल 1979 से 17 फरवरी 1980 तक मुख्यमंत्री रहे। उनका संबंध कई दलों से रहा है। प्रजा सोशलिस्ट पार्टी, जनता पार्टी, जनता दल और जदयू भी 2009 से 2014 तक लोकसभा में सांसद भी रहे हैं।


दोस्तों ये वो मुख्यमंत्री जिन्होने अपने कार्यकाल के एक साल भी पुरा नही सके। 

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