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vikas Dubey Encounter: जानिए विकास दुबे के एनकाउंटर की पुरी Inside story को...

नमस्कार दोस्तों विकास दुबे को युपी पुलिस ने एनकाउंटर मार गिराया , आईए दोस्तों जानते हैं आज हुए एनकाउंटर की पुरी इनसाइड स्टोरी को



सबसे पहले ये जानते हैं कि इस कहानी शुरूआत कैसे हुई ।


उत्तर प्रदेश के कानपुर के चौबेपुर थाना क्षेत्र के दिकरू गाँव में घटनाक्रम की शुरुआत होती है 2-3 जुलाई की मध्यरात्रि को विकास दुबे को पकड़ने गई पुलिस की एक टीम पर हमला हुआ। विकास दुबे और उनके साथियों को पकड़ने गई पुलिस की टीम पर ताबड़तोड़ फ़ायरिंग की गई। इस गोलीबारी में एक डीएसपी समेत आठ पुलिसकर्मी शहीद गए थे और करीब छह पुलिसकर्मी घायल भी हुए थे।

कैसे गिरफ्तार हुआ विकास दुबे 


सबसे पहले आपको बता दे कि कानपुर कांड के बाद देशभर में सुर्खियों में आए विकास दुबे को कई राज्यों की पुलिस पिछले 6 दिनों से तलाश कर रही थी। गुरुवार सुबह मध्य प्रदेश पुलिस ने उसे उज्जैन के महाकाल मंदिर से गिरफ्तार किया था।


विकास दुबे गुरुवार सुबह करीब 7.45 बजे महाकाल मंदिर दर्शन के लिए पहुंचा था और मंदिर में प्रवेश की व्यवस्था के बारे में दुकानदार के information ली।मंदिर दर्शन के लिए उसने 250 रुपये की रसीद भी कटवाई। प्रवेश के समय मंदिर के गार्ड को शक होने पर उसे पकड़कर पुलिस चौकी ले जाए गया उसके उपरांत उस से पूछताछ दौरान उस ने अपना नाम शुभम् बताया था। ऐसा बताया जा रहा है कि गैंगस्टर विकास दुबे फर्जी आइडी लेकर उज्जैन के महाकाल मंदिर पहुंचा था। शंका होने पर जब उसे पुलिस चौकी लाया गया, तो उसने अपना नाम शुभम् बताया। आइडी में भी यही नाम था। इस पर पुलिस अफसर ने उससे मोबाइल नंबर डायल किया। ट्रू कॉलर में दुबे लिखा आया। जब पुलिस ने सख्ती की तो शातिर गैंगस्टर ने यह कबूल लिया कि वह विकास दुबे है। महाकाल चौकी से थाने जाते समय उसने चिल्ला-चिल्लाकर कहा कि मैं विकास दुबे, कानपुर वाला। विकास दुबे गुरुवार सुबह 7.45 बजे मंदिर पहुंचा था। वो जैसे पुलिस की गिरफ्तारी दौरान  वो जोर जोर से चिल्ला रहा था कि मैं विकास दुबे हूं कानपुर वाला।


उज्जैन में पुलिस ने कोर्ट में पेश नहीं किया

विकास को उज्जैन में मध्य प्रदेश पुलिस ने गिरफ्तार किया। इसके उपरांत यह चर्चा रही कि विकास को उज्जैन में मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया जाएगा। किंतु बाद में उसे सीधे यूपी एसटीएफ (STF ) के हवाले कर दिया गया। गुरुवार दिनभर चर्चा रही कि विकास दुबे को एसटीएफ चार्टर्ड प्लेन से कानपुर ले जाएगी, परंतु शाम तक तस्वीर पलट गई। कहा गया कि यूपी एसटीएफ (STF) विकास को सड़क मार्ग से ले जाएगी।

युपी एसटीएफ के पिछे मिडिया कई गाड़ी भी थी 

दैनिक भास्कर के रिपोर्ट को माने तो यूपी एसटीएफ (STF) विकास दुबे को सड़क मार्ग एसटीएफ (STF)
निकली तो मीडिया की कई गाड़ियां एसटीएफ (STF)
के काफिल के पीछे थीं। मीडियाकर्मियों ने बताया कि रास्ते में तेज बारिश हो रही थी। मध्य प्रदेश में हाईवे पर एक ढाबे पर एसटीएफ की टीम ने खाना भी खाया। मीडियाकर्मी भी यहीं रुके हुए एसटीएफ के अधिकारियों ने कहा कि पुलिस की गाड़ियों का पीछा न करें। उस समय रात करीब 3:15 बजे झांसी बार्डर पर एसटीएफ की टीम ने मीडिया के लोगों को काफिला से अलग करने की फिर प्रयास की,लेकिन मीडियाकर्मी पुलिस के काफिले के पीछे रही, फिर कानपुर देहात तक लगे रहे।
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कानपुर शहर की सीमा पर मीडियाकर्मी पुलिस से अलग कर दिया गया 

खबरो को माने तो सुबह 6:00 बजे के आसपास कानपुर देहात के बारा टोल प्लाजा पर एसटीएफ (STF) का काफिला आगे निकल गया। किंतु काफिले के पीछे चल रहे मीडियाकर्मियों की गाड़ी को सचेंडी पुलिस थाने की पुलिस ने रोक दिया। मीडियाकर्मियों ने पुलिस से बहस की तो कहा गया कि रास्ता सभी के लिए बंद कर दिया गया है। इसके बाद हाईवे पर बाकी वाहन भी रोक दिए गए।

 फिर आई गाड़ी पलटने की सूचना


काफिले के रोके जाने पर मीडियाकर्मी पुलिस से डिबेट  कर ही रहे थे कि करीब 15 मिनट उपरांत
यानी करीब सुबह 6:15 मिनट पर  सूचना मिलती है कि विकास दुबे को ले जा रही एसटीएफ (STF)
की गाड़ी पलट गई है। इस पर थोड़ी देर बाद स्थानीय थाना पुलिस और मीडियाकर्मी आगे बढ़ते हैं। करीब 30 मिनट का रास्ता तय करने के बाद मीडिया के लोग घटनास्थल पर पहुंचते हैं। वहां एसटीएफ की गाड़ी पलटी पड़ी थी।

गाड़ी पलटने पर एसटीएफ की सफाई 

एसटीएफ ने कहा अभियुक्त विकास दुबे को एसडीएफ उत्तर प्रदेश लखनऊ टीम द्वारा पुलिस उपाधीक्षक तेजबहादुर सिंह के नेतृत्व में सरकारी वाहन से लाया जा रहा था। यात्रा के दौरान जनपद कानपुर नगर के सचेण्डी थाना क्षेत्र के कन्हैया लाल अस्पताल के सामने पहुंचे थे कि अचानक गाय-भैंसों का झुण्ड भागता हुआ मार्ग पर आ गया। लंबी यात्रा से थके हुए चालक द्वारा इन जानवरों से दुर्घटना को बचाने के लिए अपने वाहन को अचानक से मोड़ने पर वाहन अनियंत्रित होकर पलट गया।
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एसटीएफ ने बताया कि गाड़ी पलटने के बाद विकास दुबे ने भागने का प्रयास

पूछने पर एसटीएफ ने बताया कि गाड़ी पलटने के उपरांत विकास दुबे ने भागने का प्रयास किया। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में वह घायल हो गया, उसे अस्पताल भेजा गया है। इसके थोड़ी देर बाद सूचना आती है कि अस्पताल में डॉक्टरों ने विकास को मृत घोषित कर दिया।

एसटीएफ के काफिले का पीछा कर रहे मीडियाकर्मियों कई अलग करने प्रयास हुआ

मीडियाकर्मियों का कहना है कि उज्जैन से कानपुर के रास्ते में कई बार मीडिया को अलग करने की प्रयास की गई, जिससे एनकाउंटर और पुलिस की कहानी पर  प्रश्न चिन्ह खड़े हो रहे है , कई लोगो कहना युपी पुलिस के पहले से ही योजनाबद्ध  तरीके विकास दुबे की एनकाउंटर किया गया है।

वैसे वजह जो भी हो ऐसे अपराधी का अंत ऐसे ही होता है , युपी पुलिस ने अपराधियों  को कड़ा संदेश दे दिया है अगर युपी में कोई भी अपराध किए उसे कड़े से कड़े  दंड दिया जाएगा और अगर पुलिस गिरफ्तार भागने की प्रयास किए युपी पुलिस एनकाउंटर भी कर देगी।


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