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Vidur Niti In Hindi: विदुर नीति जान ले ये गुण, तो आपसे अधिक सुखी और कोई नहीं होगा और जाने कैसे 100 साल तक हंसी-खुशी जीवन बिता सकते

 नमस्कार मित्रो आज हम बात करेंगे कि Mahabharata काल के महान दार्शनिक विदुर नीति और 100 साल तक हंसी-खुशी जिंदगी बीताने का शैली बताए गे। चलिए आईए जानते हैं कि Mahabharata काल के महान दार्शनिक विदुर ने मानव कल्याण के लिए कई सिद्धांतों का प्रतिपादन किया है।जिसे विदुर नीति के नाम से जाना जाता है।

Vidur Niti In Hindi
विदुर नीति 


उस विदुर कौन थे?


विदुर धृतराष्ट्र के सौतेले भाई तथा एक दासी के पुत्र थे। महाभारत काल के महान दार्शनिक थे।


विदुर नीति क्या है 


विदुर नीति में जहां युद्ध की रणनीति और राजनीति है वहीं उसमें ऐसे नियम भी हैं जो आम लोगों के जीवन के लिए प्रासंगिक हैं। महात्मा विदुर ने श्लोक के जरिए मनुष्य के सुखी जीवन का सार बताने की प्रयास की है।


ये श्लोक इस प्रकार है - 



एको धर्म: परम श्रेय: क्षमैका शान्तिरुक्तमा।
विद्वैका परमा तृप्तिरहिंसैका सुखावहा ॥
अर्थात इस श्लोक में महात्मा विदुर ने बताया है कि जो व्यक्ति सदैव धर्म की राह पर चलता है तो वह कभी कुछ बुरा नहीं कह सकता। इसका मतलब यह है कि अगर आपको जीवन में सुख-शांति चाहिए तो धर्म की राह पर चलें। इससे ना सिर्फ आपका भला होगा बल्कि दूसरों का भी कल्याण होगा।

क्षमा करना सर्वश्रेष्ठ उपाय

जो भी व्यक्ति सफल होता है वह अपने जीवन में खूब गलतियां करता है। लेकिन समझदार व्यक्ति वह होता है जो गलती को क्षमा कर जीवन में आगे बढ़ जाता है। किसी की गलती पर मन में गांठ बांध लेने से हमेशा संबंध खराब होते हैं और आप खुद के साथ-साथ दूसरों को भी दुखी रखते हैं। लेकिन क्षमा भाव सर्वोच्च होता है।

ज्ञान संतोषकारी होता है
व्यक्ति का सबसे बड़ा ज्ञान ही उसका धन है। ऐसे व्यक्ति जो किसी लालच के बिना अपने ज्ञान से ही हमेशा संतोष करते हैं तो संसार में उनसे ज्यादा कोई सुखी नहीं है। ज्ञान होने पर ही व्यक्ति सुखी जीवन व्यतीत करता है। अज्ञानता अंधकार के सामने है।

अहिंसा के पथ पर चलें
जो व्यक्ति हमेशा शांति के साथ अहिंसा की राह पर चलता हुए अपना जीवन व्यतीत करता है, वह सबसे सुखी रहता है। ऐसे व्यक्ति का जीवन हमेशा प्रेम भाव के साथ-साथ अच्छे कामों में व्यतीत होता है।

महाभारत की पुस्तक में कई रहस्य छुपे हुए हैं, अगर इंसान उन रहस्यों को जान ले- तो आठ सिद्धियां-नौ निधियां हासिल कर सकता है। किंतु विदुर के मुताबिक से इंसान की उम्र 100 साल बताई गई है, परंतु धृतराष्ट्र के अनुसार से इंसान जल्दी मृत्यु जाता है।

मनुष्य सबसे बड़ी कमी 


(1.) मनुष्य की सबसे बड़ी कमी होती है- क्रोध, इंसान हर बात पर क्रोध करता है और कुछ भी बोल देता है, इसलिए उसकी उम्र कम हो जाती है।


(2.)  कई व्यक्तियों को बहुत अधिक बोलने की आदत होती है ,वह बड़बोले होते हैं और कोई भी बात बढ़ा-चढ़ाकर बोलते हैं, इसलिए भी उनकी उम्र कम हो जाती है।


(3.)धर्म-कर्म के मुताबिक से लालच इंसान का सबसे बड़ा दुश्मन होता है, प्रत्येक मनुष्य के अंदर लालच होता है, इसलिए अधिकतर मनुष्य 100 से कम उम्र में ही मर जाते हैं।



(4.) मनुष्य को अपना धर्म मालूम होना चाहिए और कभी भी किसी के साथ धोखा नहीं करना चाहिए और मित्रता में तो एकजुटता होती है, धोखा नहीं, इसलिए किसी को धोखा ना दे, नहीं तो उम्र कम हो जाएगी।


(5.) मनुष्य स्वयं के बारे में सोचता है और दूसरे के लिए त्याग करने के लिए तैयार नहीं होता है, वह अपना घर भरता है और दूसरे के बारे में नहीं सोचता है, इसलिए उसकी उम्र कम हो जाती है।



(6.) अधिकतर व्यक्ति कई बड़े लोगों के सामने नहीं झुकते हैं और अपने अभिमान में रहते हैं, किंतु अभिमान मनुष्य को जमीन से लगा देता है, इसलिए
मनुष्य की उम्र धीरे-धीरे कम हो जाती है।


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