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Inside story: गलवान में 15 व 16 जुन क्या हुआ और कैसे भारतीय सैनिको ने अपने जवानो बलिदान का बदला लिया उसी रात में exclusive report galwan valley se ....

नमस्कार दोस्तों गलवान घाटी (galwan valley) में क्या हुआ था 15-16 जुन के मध्यरात्रि में क्या हुआ आप सभी को भारत कितने सैनिक वीरगति प्राप्त किया ये तो मालूम है। किंतु चीन कितने मारे गये इस बारे में अबतक चीन द्वारा कोई भी इफॉर्मेंशन साझा नही की गई..

exclusive report galwan valley

आज हम inside story की exclusive report में चीन (china) कितने सैनिक मारे उसकी इफॉर्मेंशन देने जा रहे है और साथ में ये बताए गे कि 15-16 जुन की मध्यरात्रि में क्या हुआ था।

आज की inside story को आरंभ करते है
सबसे पहले बताते है कि 15-16 जुन की मध्यरात्रि में क्या हुआ था।

 गलवान घाटी (galwan valley) में चीन और भारत के सैनिकों में झड़प की कारण पड़ोसी देश की एक ऑब्जर्वेशनल पोस्ट थी। चीन ने ठीक LAC पर एक ऑब्जर्वेशन पोस्ट बना ली थी। भारतीय सेना को इस स्ट्रक्चर पर आपत्ति थी। जिस जगह पर 15 जून की रात को हिंसक टकराव हुआ था, वो जगह LAC के बिल्कुल करीब है, ये भारतीय सेना का patrolling point 14 है, जहां चीन के सैनिकों ने जबरन अस्थायी पोस्ट बना लिए थे और जिन पोस्ट को नष्ट करने के लिए 6 जून को कोर कमांडर स्तर की बातचीत में सहमति भी बन गई थी। लेकिन चीन ने वो पोस्ट नष्ट नहीं किए, और जब भारतीय सैनिकों ने इस पोस्ट को नष्ट किया, तो चीन ने लड़ाई शुरू कर दी।

निचे दिए गए satellite image जरिए जाने विवाद के स्थान के बारे में 
exclusive report galwan valley
Images source zee news 


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कर्नल संतोष के संतोष जवान उस कैम्प को खुद उखाड़ फेंकना चाहते थे, लेकिन तभी उन्होंने खुद कैम्प तक जाकर चीन (china) के सैनिकों से बात करने का निर्णय किया। शाम 4 बजे के आसपास वो अपने 40 जवानों के जवानों को लेकर पैदल उस कैम्प तक चले गए।

उससे पहले तक वहां तैनात चीन और भारतीय सैनिकों की आपस में पहचान थी। परंतु जब कर्नल संतोष वहां पहुंचे तो उन्हें नए चेहरे नजर आए। इंटेलिजेंस ने उन्हें इसकी रिपोर्ट पहले ही दी थी कि तिब्बत में चल रही किसी एक्सरसाइज से सैनिकों को लाकर गलवान में डिप्लॉय किया गया है। जैसे ही कर्नल संतोष ने प्रश्न किया एक चीनी सैनिक ने आकर उन्हें धक्का दिया और गालियां देने लगा। ऐसा देखते ही 16 बिहार इंफैन्ट्री रेजिमेंट के सैनिकों को गुस्सा आ गया और उन्होंने चीन (china) के सैनिकों को पीटना शुरू कर दिया। मुक्केबाजी में दोनों ओर के सैनिक घायल हो गए। गुस्साए भारतीय सैनिकों चीन के ऑब्जर्वेशन पोस्ट को तहस-नहस कर दिया। इसी बीच कर्नल संतोष ने घायल सैनिकों को वापस पोस्ट पर भेज दिया और वहां से और सैनिकों को बुलवाया।


धीरे-धीरे अंधेरा होने लगा था और वहां भारतीय और चीन (china) सैनिक जमावड़ा बढ़ता जा रहा था। तभी अचानक एक बड़ा पत्थर कर्नल संतोष के सिर पर आकर गिरा। फिर दोनों ओर से पथराव होने लगा और एक घंटे तक ये गुत्थम-गुत्था झगड़ा चलता रहा। कुछ ही देर में ये खूनखराबे में बदल गया। चीन के लगभग 300 सैनिक थे और इनका सामना करने के लिए भारतीय जवानों की संख्या महज 45 से 50 थी। भारतीय सैनिकों के पास हथियार तो थे, किंतु वो पुर्व में ही किए गए संधि की वजह से उनका इस्तेमाल नहीं कर सकते थे। वहीं चीन के सैनिकों ने इस झगड़े की प्री-प्लानिंग के लिए कंटीले तार बंधे डंडे, लोहे की रॉड और बड़े बोल्डर पत्थर जमाकर रखे थे। मानों वो भारतीय सैनिकों के इंतजार में बैठे हों। चीन की सेना ने इस तरह की लोहे की रॉड और बोल्डर से भारतीय जवानों पर आक्रमण किया था। चीन (china) के सैनिक जब इन वो  सामान का इस्तेमाल कर भारतीय जवानों पर आक्रमण कर रहे थे। तब तक हर इंफैंट्री बटालियन में तैनात भारतीय सेना की घातक प्लाटून वहां पहुंच गई।


चीन के कितने सैनिक मारे गये

Zee news ने अपनी excluve Report में खुलासा किया कि गलवान घाटी में 15 जून को अपने कमांडिंग ऑफिसर कर्नल बी संतोष बाबू के वीरगति  होने के उपरांत भारतीय जवानों ने चीनी सेना पर कहर बरपा दिया था। गलवान घाटी में भारतीय सैनिकों ने चीन की बर्बरता का बदला लिया।भारतीय जवानों ने चीन के सैनिकों की गर्दन तोड़ दी सूत्रों के अनुसार भारत-चीन के सैनिकों के बीच करीब 4 घंटे तक झड़प चली।थे।
तना ही नहीं, भारतीय सेना ने गलवान घाटी में चीन के गुरूर को चकनाचूर कर दिया था, हिंद के जांबाजों के शौर्य से चीन की ताकत पर ऐसा ग्रहण लगा जिसकी टीस चीन कभी नहीं भूल सकेगा। सूत्रों के अनुसार खबर है कि गलवान घाटी की झड़प में भारतीय सेना ने चीन के एक कर्नल को जिंदा पकड़ लिया था। भारतीय सेना के साथ टकराव में चीन के 45 से 50 सैनिक मारे गए थे।

गलवान घाटी से जो खबर आई है, वो चीन को लेकर सोच बदलने वाली है। चीन अपनी ताकत को बढ़ा चढ़ा कर बताता आया है। किंतु लद्दाख की हिंसक झड़प भारत ने चीन को मुंहतोड़ जवाब दिया और उसकी असल इस दुनिया के सामने ला दी।



आपके पसंदीदा साइट Shashiblog.in यानी हमे जो विश्वसनीय source से इफॉर्मेंशन मिली उसे माने तो चीन के 56 से ज्यादा सैनिक मारे गए , ऐसी खबर 16 जुन को चीन अपने सैनिको की लाश उठाने के 47 चीनी हेलिकॉप्टर भेजा था। इस अंदाजा लगाना आसान है कि चीन सैनिको मारे गए , हिंद की जवानो ने चीन को बहुत ही अच्छा तरह से सबक सिखा दिया जिसकी चीन ने उम्मीद भी नही किया होगा।


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