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Anamika Shukla Arrested: जालसाज शिक्षिका अनामिका शुक्ला बोली सामने आई युपी शिक्षा विभाग बड़ी चुक और लिया नाम राज नाम के व्यक्ति का जिसको तलाश कर रही है पुलिस...


UP News Live:नमस्कार दोस्तों कल युपी के कासगंज से एक एक बड़ी खबर आई थी जिसमें शिक्षिका जो एक साथ 25 विधालय (school)  शिक्षक तोड़ पर कार्यरत थी उस मामला में एक नाम सामने आया है, जिसका जिक्र Anamika Shukla उर्फ अनामिका सिंह उर्फ प्रिया सिंह ने अपने वक्तव्य में किया है। उसने बताया है कि राज नामक व्यक्ति ने ही डेढ़ लाख रुपये लेकर कासगंज जनपद में फर्जी कागजातों के मुताबिक उसकी कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में विज्ञान वर्ग की शिक्षिका के रूप में नौकरी लगवाई गई। उसके अनुसार अन्य जनपदों में भी राज नामक व्यक्ति ने अन्य शिक्षिकाओं को नौकरी दिलाई है।

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Anamika Shukla Arrested


पुलिस राज नामक व्यक्ति नंबर उपलब्ध करवाए

जालसाज शिक्षिका ने कासगंज पुलिस को राज नामक व्यक्ति के मोबाइल नंबर भी उपलब्ध कराए किंतु यह मोबाइल नंबर सक्रिय नहीं है। फिर भी पुलिस ने इन नंबरों को सर्विलांस के माध्यम से जांच पड़ताल में डाल दिया है। यही नहीं पुलिस ने जालसाज शिक्षिका के मोबाइल नंबर के संपर्क में रहने वाले सभी संपर्क सूत्रों को तलाशना शुरू कर लिया है। सर्विलांस के माध्यम से जालसाज शिक्षिका की फोन की कुंडली पूरी तरह तलाश की जा रही है। पुलिस का मानना है कि राज नामक व्यक्ति ही एक ऐसा सूत्र है। जिसके पकड़ में आने के उपरांत उसके माध्यम से यह जानकारी हो सकती है कि विभिन्न 25 जनपदों में अनामिका शुक्ला नाम की कितनी शिक्षिकाएं शिक्षा विभाग में कार्यरत हैं। जिनके फर्जी दस्तावेज के आधार पर उन्हें जगह-जगह नौकरियां दिलाई हैं।


वैसे कासगंज के अलावा आस-पड़ोस के जनपद एटा, मैनपुरी, अलीगढ़, बदायूं, फर्रुखाबाद, इलाको में भी जालसाज शिक्षिका अनामिका शुक्ला के नाम पर नौकरी करने वाली युवतियों एवं महिलाओं की तलाश की जा रही है। पुलिस का कहना है कि शिक्षा विभाग में जालसाजी के बाद सुर्खियों में आई अनामिका शुक्ला एवं उसका साथी राज मैनपुरी का निवासी बताया जा रहा है। कासगंज पुलिस ने मैनपुरी पुलिस के साथ तालमेल बनाकर भी अनामिका शुक्ला एवं उसके साथी राज की तलाश प्रारंभ कर दी है। पुलिस की तलाश जारी है जब तक राज नामक व्यक्ति गिरफ्तार नही हो जाता है तब तक उत्तर प्रदेश में तैनात हुई शिक्षिकाओं की स्पष्ट रूप से इफॉर्मेशन नहीं मिल पाएगी।

अनामिका शुक्ला और राज जैसे लोग ना जाने कितने लोग हैं जो सभी विभागों से जुड़कर उनमें जालसाजी करते हैं। ऐसा ही शिक्षा विभाग से जुड़कर अनामिका शुक्ला और उसके साथी राज ने कर दिखाया, इस मामले में प्रथम दृष्टया तो विभाग ही दोषी माना जाए, क्योंकि नियुक्ति के समय जो भी दस्तावेज अभ्यर्थी द्वारा दिए गए उनकी मूल रूप से गोपनीय जांच आखिर क्यों नहीं करायी । इस तरह के जब सवाल सामने उठते हैं तो शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली भी संदेह के घेरे में आ जाती है। इससे स्पष्ट होता है कि शिक्षा विभाग के भीतर बैठे भी कई राज जैसे जालसाज हो सकते हैं। जो विभाग में बैठे-बैठे इस तरह की जालसाजी को बढ़ावा दे रहे है।

अनामिका शुक्ला और प्रिया सिंह और अनामिका सिंह के बयान के अनुसार विभाग भी इस मामले में कम दोषी नहीं है। भले ही कासगंज में पकड़ी गई जालसाज शिक्षिका को टारगेट बनाकर विभाग अपने ऊपर पड़ने वाली कालिख से बचाव कर अपने दायित्वो से पल्ला झाड़ रहा हो। किंतु शिक्षा विभाग भी अधिकारी दुध के धुले नही हैे जितना दोषी जालसाज शिक्षका अनामिका शुक्ला है उतना ही दोषी है शिक्षक विभाग के अधिकारी भी है।


पकड़ी गई शिक्षा विभाग बयान 

पकड़ी गई शिक्षिका को लेकर शिक्षा विभाग का कहना है कि उसके दस्तावेज नियुक्ति के समय जब विभाग को प्राप्त हुए तो उसके छायाचित्र धुंधले नजर आ रहे थे। इससे भी विभाग की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिन्ह लगना आवश्यक है। क्योंकि विभाग को उन छाया चित्रों को बदलकर ताजा छायाचित्र सबमिट कराने चाहिए, इसके अलावा संबंधित अभ्यर्थी को वेरीफाई भी करना चाहिए।

शिक्षा विभाग में रही खामियों के चलते ही आज उत्तर प्रदेश के 25 जिलों में अनामिका शुक्ला शिक्षिका पद पर कार्यरत हैं, और उनके साथी राज खुलेआम जालसाजी को बढ़ावा दे रहे हैं। उत्तर प्रदेश के 25 जनपदों में नौकरी पाने वाली अनामिका शुक्ला इस मामले को लेकर जितनी दोषी है उतना ही दोषी शिक्षा विभाग भी है। हो सकता है कि शिक्षा विभाग में ही कोई राज हो जिसका राज पुलिस की गिरफ्त में आई जालसाज शिक्षिका खोल नहीं पा रही है।

अंत एक सवाल उठा है कि युपी शिक्षा विभाग नाक निचे एक शिक्षिका एक साथ 25 स्थानो पर जॉब कर रही थी, किंतु युपी शिक्षा विभाग कुछ मालूम तक नही पड़ा ये शिक्षिका प्रत्येक महीने एक करोड़ वेतन सरकार ले रही , युपी शिक्षा विभाग कुछ मालूम नही पड़ा आखिर ऐसा कैसे हो सकती है इसकी
उत्तरदायित्व सिर्फ अनामिका शुक्ला ठहलाना उचित होगा या फिर युपी के शिक्षा विभाग इसके जिम्मेदार है।

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