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coronavirus vaccine: इन दोनो देशो किए दावे कोरोना वैक्सिंग तैयार करने का , जाने कौन से देश कर रहे कोरोना वायरस वैक्सिंग तैयार करने की प्रयास

अभी पढ़ रहें है shashiblog.in आज के आर्टिकल में जाने कौन ले देश कर रहे कोरोना वैक्सीन तैयारी।।
coronavirus vaccine latest update



coronavirus vaccine latest update: चीन के वुहान शहर से दुनिया भर में फैलने वाला कोरोना महामरी वैक्सिंग पर रिसर्च लगातार चल रहा है आपको बता दे दुनिया भर अबतक 50 से ज़्यादा वैक्सीन बनाने का काम जारी है।


कोरोना वायरस (COVID-19) जो संपुर्ण मानव जाति
खत्म करने जिद्द अड़ा है वर्तमान परिस्थिती कोरोना वायरस (COVID-19) प्रभाव रोकने के लिए वैक्सीन सख्त अवश्कता है। ऐसे में हमने जब रिसर्च कि ये जाने के लिए कौन से देश वैक्सिंग बनाने में सबसे तेजी कार्य कि है। तो हमे जानकारी मिली इजराइल और नीदरलैंड ने वैक्सिंग बनाने का दावा किया है।

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इजराइल ने दावा किया कोरोना वैक्सीन बनाने का

कहा जा रहा है कि इजराइल के इंस्टीट्यूट फॉर बायोलॉजिकल रिसर्च (Israel's Institute for Biological Research) के वैज्ञानिकों ने कोरोना वायरस (COVID-19) रोग का तोड़ निकाल लिया है। इंस्टीट्यूट के वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि कोरोना वायरस (COVID-19) के टीके बनाए जा चुके हैं और उन्हें जल्द ही आधिकारिक मान्यता भी मिल जाएगी।

इजराइल के रक्षा मंत्री Nephtali Benit का कहा
कि हमारे वैज्ञानिकों ने कोरोना वायरस (COVID-19) के ऊपर research करके वायरस के नेचर को समझा है। साथ ही कोरोना वायरस के जैविक तंत्र (Biologyical System) के बारे में भी बारीकी से स्टडी करके उसकी पहचान करने में कामयाबी हासिल की है। इजराइल रक्षा मंत्री ने कहा कि वैक्सीन को तैयार करने का चरण पूरा हो चुका है और इसे पेटेंट कराने की तैयार कर रहे हैं। साथ ही इस वैक्सीन की व्यापक पैमाने पर उत्पादन की तैयारी भी हो रही है।

नीदरलैंड ने भी दावा किया कोरोना वैक्सीन बनाने का


दुसरे तरफ नीदरलैंड ने भी कोरोना वायरस (COVID-19) वैक्सीन बनाने दावा किया है। आपको बता दे नीदरलैंड में यूट्रेक्ट यूनिवर्सिटी के बेरेंड-जान बॉश ने बताया कि इस तरह के Neutralizing antibodies में इंफेक्शन व्यक्ति में इंफेक्शन
को बदलने, वायरस को साफ करने या वायरस से ग्रसित एक असंक्रमित व्यक्ति को बचाने की क्षमता होती है।यूट्रेक्ट यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने इसे कोरोना (COVID-19) के उपचार और रोकथाम के लिए पूरी तरह से मानव एंटीबॉडी विकसित करने की दिशा में एक शुरुआती कदम कहा है ।

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Nature communications journal में Published एक रिसर्च के आधार पर
2002-04 सार्स महामारी का रोकने करने के लिए विकसित एंटीबॉडी को देखा गया। जो एक कोरोना वायरस के कारण भी हुआ। यह एक ऐसी एंटीबॉडी की पहचान करता है जो वर्तमान वायरस के विरुद्ध प्रभावी था। जिसे आधिकारिक तौर पर Sars-CoV-2 कहा जाता है।

अगर इन दोनो देशो दावे अगर सच्चाई दुनिया को जल्द ही कोरोना वायरस (COVID-19) मुक्ति मिल जाएगा।


और कई देश कोरोना वायरस (COVID-19) वैक्सीन बनाने प्रयास कर रहे है आईए जानते हैं अन्य देशो कितने करीब पहुचे कोरोना (COVID-19) वैक्सीन बनाने करीब है।

बिट्रेन के Oxford University भी कोरोना वैक्सीन प्रयास कर रहा



बिट्रेन के Oxford University के Researchers ने दावा किया कि कोरोना वायरस (COVID-19) वैक्सीन इस वर्षा के सितंबर तक वैक्सीन बना लेंगे। टीम को लीड कर रही वैक्सीनोलॉजी की प्रोफेसर Sarah Gilbert ने कहा कि हमने 18 से 55 वर्ष की उम्र के 500 वालंटियरों पर शुरुआती और मध्य चरण के नियंत्रित परीक्षण किए हैं।जिसके परिणाम उत्साहजनक रहे हैं"। जबकि अंतिम चरण में हम इसकी संख्या और उम्र में भी विस्तार करेंगे। उन्होंने आगे बताया कि हमारी प्रयास है कि सितंबर तक कम से कम कुछ वैक्सीन तैयार हो जाएं। परंतु एक साथ सभी स्थानो पर वैक्सीन उपलब्ध नहीं हो पाएगा। किंतु मगर अभी वैक्सिंग की मैन्युफैक्चरिंग अधिक मात्रा में करते हैं तो आने वाले वक्त में यह सभी के लिए उपलब्ध हो जाएगा।इस रिसर्च का मुख्य उद्देश्य वैक्सीन का प्रभावशाली होना, स्वयंसेवक की सुरक्षा और Immune system को मजबूत करना है। इस वैक्सीन का नाम ChAdOx1 nCoV-19 है।


अमेरिका भी कोरोना वैक्सीन बनाने प्रयास कर रहा


अमेरिका ने कोरोना वायरस (COVID-19) सबसे ज्यादा प्रभावित सुपर पावर अमेरिका भी कोरोना (COVID-19) वैक्सीन बनाने प्रयास कर रहा है। अमेरिका कोरोना वैक्सीन बनाने का ट्रायल कर रहा है, 45 लोगों को कोरोना (COVID-19)का वैक्सीन विकसित करने के इस प्रयोग किया गया है। इसका उद्देश्य यह देखना है कि कोरोना (COVID-19)के इस वैक्सीन का कोई दुष्प्रभाव तो सामने नहीं आता।इन 45 लोगों को अलग रखा गया है।कोरोना (COVID-19) के इस वैक्सीन को code name mRNA-1273 दिया गया है। कोरोना (COVID-19) के बढ़ते प्रकोप की वजह से अमेरिका ही नहीं दुनियाभर के कई देश कोरोना वायरस का वैक्सीनबनाने में लगा हुआ हैं। आपको बता दे कई अमेरिकी कंपनियां भी इस खतरनाक वायरस की वैक्सीन तैयार करने में जुटी हुई है।


अमेरिकी दवा कंपनी फाइजर इंक ने इसी कड़ी मेहनत कर रहा है,कोरोना (COVID-19) के पहले प्रयोगात्मक वैक्सीन का इंसानों पर परीक्षण शुरू कर दिया है। कंपनी ने वैक्सीन का अमेरिकी मरीजों पर परीक्षण किया है और रेजेनरॉन फार्मास्यूटिकल्स ने बताया है कि अगर यह दवा काम नहीं भी करती है तो तब भी एक अन्य एंटीबॉडी इलाज उपलब्ध हो सकता है।


चीनी भी कोरोना वैक्सीन बनाने प्रयास कर रहा


दुनिया को कोरोना (COVID-19) वायरस देने वाले चीन भी कोरोना (COVID-19) वैक्सीन बनाने प्रयास कर रहा है। चीन दावा किया है कि कोरोना (COVID-19) से बचने के लिए एक वैक्सीन खोज किया है। चीन की ऑर्मी की मेडिकल टीम बीते एक महीने से वुहान में पीपुल्स लिबरेशन ऑर्मी की मेडिकल विशेषज्ञ शेन वेई की लीडरशिप में यह वैक्सीन तैयार की गई है। चीन की एक बहुत ही प्रसिद्ध अकादमी है जिसमें 26 विशेषज्ञ, 50 से ज्यादा वैज्ञानिक और 500 से ज्यादा बेहद अनुभवी लोग कार्य करते हैं। चीन का दावा है कि जल्दी ही यह वैक्सीन लोगों के लिए उपलब्ध हो जाएगी और कोरोना को जड़ समाप्त कर दिया जाएगा।

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भारत में भी 30 ज्यादा कोरोना वैक्सीन ट्रायल कर रहा है


भारत में 30 से ज्यादा वैक्सीन तैयारी चल रही है अनेक चरणों में हैं और उसमें कुछ ट्रायल के लिए तैयार हैं। आपको बता दे ये जानकारी Experts
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दी। बता दें कि पीएम मोदी ने कोरोना वायरस (COVID-19) वैक्सीन विकसित पर मंगलवार को एक कार्यबल की बैठक की अध्यक्षता की थी।


Prime Minister Narendra Modi देश द्वारा की गई समीक्षा में शैक्षिक समुदाय, उद्योग और सरकार के असाधारण रूप से साथ आने संज्ञान लिया गया। पीएम मोदी ने महसूस किया कि इस तरह का समन्वय और गति मानक संचालन प्रक्रिया में सन्निहित होनी चाहिए। बयान में कहा कि उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि संकट में जो संभव हो वह वैज्ञानिक कार्यप्रणाली की हमारी नियमित शैली का हिस्सा होना चाहिए ।


अब देखने वाली बात ये होगी इसमें कौन से देश सबसे पहले वैक्सीन करने में सफल होगा और कोरोना वायरस महामारी संकट जुझ रहे ,अब ऐसी उम्मीद जताया जा रहा है कि दुनिया जल्द ही कोरोना मुक्ति मिल जाएगी।


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