Breaking News

जानिए fact के साथ सच : क्या वकई Shahjahan के अपने सगी बेटी जहाँआरा नाजायज़ रिश्ता

नमस्कार दोस्तों आप सभी स्वागत है हमारे ब्लॉग पर, आप अभी पढ़ रहें है shashiblog.in आज के आर्टिकल में मुगलकाल के के अय्याशी के बारे में बताएगे।




मुगलकाल (Mughal period)के ऐसे कई बादशाहों और सुलतानों के अय्याशी के बारे अपने सूना होगा जो अपने भोग विलासिता के लिए अलग-अलग तरीके अपनाते रहे है।कोई किसी को युद्ध में परास्त करके उसकी पत्नी या बेटी पर जबरन अधिकार करते थे कोई कोठे पर जाकर अय्याशी करता था।परंतु मुगलकाल (Mughal period)का एक ऐसा भी राजा (king ) था जिस ने न सिर्फ 13 महिलाओं से विवाह की बल्कि अपनी चौदहवीं पत्नी से जन्मी बेटी से ही नाजायज संबंध बनाने लगा।बताया तो ये भी जाता है कि इस राजा की मौत भी अधिक काम उत्तेजन बढ़ाने वाले पदार्थ के सेवन करते थे। तो आईए जानते उस राजा के बारे में जिसने बाप-बेटी के रिश्ते को भी शर्मसार किया।

यह भी पढ़े: पुराने जमाने में इसलिए कई विवाह करते थे राजा महाराजा, होती थी कई रानियाँ

ताजमहल का नाम सुनते ही उसके निर्माण करवाने वाले वाले शाहजहाँ (Shahjahan) को दुनिया बड़े सम्मान से याद करती है। परंतु उसकी अय्यासी और जिद्द ने उसे इस हद गिरा दिया कि वह अपने सेना के सूबेदारों की पत्नी समेत अपनी सगी बेटी से ही शारीरिक संबंध(physical relationship)बनाने लगा था।मुगलकाल (Mughal period) राजा (king) वारिस शाहजहाँ को एक भोग विलासी(Enjoyment luxuriant) तथा विकृत यौन इच्छाओं (perverted Sexual Desires)वाला राजा कहा जाता है। 

शाहजहाँ (Shahjahan)की 13 बीबियों के अलावा उसके हरम में 8000 महिलाए भी थी जिनके साथ वो अपनी इच्छाओं के मुताबिक़ भोग-विलास (Enjoyment luxuriant) करता था।शाहजहाँ (Shahjahan) के राजा में उनके सूबेदार अपनी पत्नियों को अपने सम्राट की नजरों से बचा कर रखते थे। ऐसा वो इसलिए करते थे शाहजहाँ (Shahjahan) नजर जिस भी सुंदर महिला पर जाए वो उसे हासिल करने के लिए कुछ भी कर सकते थे। 


शाहजहाँ (Shahjahan) की सूबेदारों के पत्नियों पर रहती थी गंदी नजर


बताया जाता कि शाहजहाँ (Shahjahan) की नजर अपने सूबेदार शेर अफगान खान की खूबसूरत बीबी पर पड़ी। तो उसने जबरन विवाह कर ली और उसका नाम बदलकर मुमताज महल रख दिया। बाद में शाहजहाँ ने मुमताज की बेटी के साथ अपने बेटे शहरयार के साथ शादी कर दी थी।


शाहजहाँ (Shahjahan)से उससे नाराज होकर शेर खान ने शाहजाहाँ (Shahjahan) के विरुद्ध विद्रोह कर दिया। जिसके बाद शाहजाहाँ (Shahjahan) ने उसे भरे दरबार में ही उसकी हत्या कर दी। आपको बता दे उसी मुमताज की याद में शाहजहाँ ने आगरा में ताजमहल का बनवाया था ।मुमताज की मृत्यु के सिर्फ सात दिनो के पश्चात उसने उसकी छोटी बहन फरजाना से विवाह रचा ली। 

शाहजहां (Shahjahan) नही निभाए मुमताज (Mumtaz) दिए वादा


आपको बता दे मुमताज (Mumtaz) के आखिरी समय पर शाहजहां (Shahjahan) से वादा किया कि वो किसी विवाह नही करेंगे परंतु शाहजहां (Shahjaha) अपनी कामुकता के लिए इतना कुख्यात था कि उसने सिर्फ सात दिन बाद ही
मुमताज (Mumtaz) दिए वादे तोड़े बल्कि उसी के छोटी बहन फरजाना से विवाह कर ली।



शाहजहां (Shahjahan) ने अपनी सगी बेटी को ही बनाया हवस


इतिहासकारों (Historians)के माने तो शाहजहां (Shahjaha) को कामुकता के लिए इतना कुख्यात था कि अपनी सगी बेटी जहाँआरा के साथ सम्भोग(Intercours) करने का दोषी पाया गया था।फ्रांसिस वर्नियर ने लिखा कि Shahjahan और Mumtaz के बड़ी बेटी जहाँआरा बिल्कुल अपनी माँ की तरह लगती थी। इसीलिए मुमताज की मृत्यु के पश्चात शाहजहां (Shahjaha) ने अपनी ही बेटी जहाँआरा के साथ विकृत यौन इच्छाओं (perverted Sexual Desires) पुरा करता था।कहा जाता है कि शाहजहाँ ने अपनी ही बेटी को अपनी रखैल बना लिया। और कभी भी जहाँआरा का कहीं और विवाह नहीं होने दिया।


अकबर ने बिटियों को रखा जिन्दगी भर कुवारी


बताया जाता कि अकबर (Akbar) ने यह नियम बना दिया था। कि मुगलो वंश की बेटियों की विवाह नहीं होगी। इसका परिणाम यह हुआ कि मुग़ल वंश के बेटिया अपने विकृत यौन इच्छाओं (perverted Sexual Desires) पुरा करने के लिए अवैध तरीके से दरबारी, नौकर के साथ रिश्तेदार यहाँ तक की सगे सम्बन्धियों का भी सहारा लेती थी। ऐसा बताया जाता है कि एकबार जहाँआरा जब अपने एक नौकर के साथ संभोगरत में थी। तो कामातुर शाहजहाँ अचानक से उसके room में आ गये।जिससे डरकर वह नौकर हरम के तंदूर में छिप गया। शाहजहाँ (Shahjaha ने तंदूर में आग लगवा दी और उसे जिन्दा जला दिया।



औरंगजेब ने पिता शाहजहां के लिए शाही वेश्याएँ बुलाये



ऐसा भी कहा जाता है कि जहाँआरा और शाहजहाँ के नाजायज सम्बन्ध की भनक जब औरंगजेब को लगी तो उसने दोनों को आगरा के किले में कैद करवा दिया। औरंगजेब मे एक आदर्श बेटे का भी फर्ज निभाया और अपने बाप की कामुकता के भुख के समझते हुए उसे अपने साथ कई शाही वेश्याएँ रखने का भी अनुमति दिया।शाहजहाँ की मृत्यु आगरे के किले में ही 22 जनवरी 1666 को हो गई। The history channel के दावे को माने तो शाहजहां (Shahjahan) ने मृत्यु ज्यादा कमोत्तेजक दवाएँ(Erotic drugs) सेवन वजह से हुआ अर्थात
जिवन के आखिरी समय तक शाहजहाँ ने अय्याशी ही किया।


अपनी राय हमें कामेंट में या trendingmedia22@gmail.com के जरिये भेजें।

No comments