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bhupinder singh romantic palace: Maharaja Bhupinder Singh की थीं 365 रानियां, जाने उनके खास महल में सिर्फ निर्वस्त्र ही महिलाए कर सकते थे एंट्री


नमस्कार दोस्तों आप सभी स्वागत है हमारे ब्लॉग पर, आप अभी पढ़ रहें है shashiblog.in आज केआर्टिकल में महाराजा भूपिन्दर सिंह (Mahargja Bhupinder Singh) के  रंगीनमिजाजी के बारे में ।



Maharaja Bhupinder Singh's love life of Patiala - Photo source Shashiblog.in


पटियाला के महाराजा थे।महाराजा भूपिंदर सिंह पटियाला का जन्म 12 अक्तूबर 1891 को मोती बाग पैलेस पटियाला में हुआ था। पिता महाराजा राजिंदर सिंह की मौत के बाद राज्य के शासक बनें भूपिंदर सिंह ने 38 वर्षों तक राज किया।

महाराजा भूपिन्दर सिंह (Maharaja Bhupinder Singh) अपनी रंगीनमिजाजी के लिए प्रसिद्ध है।

आज उन जुड़े उन्ही बातो जाने का प्रयास करेंगे। जैसा कि आप जानते हैं प्राचीन काल के राजा महाराजा अनेक विवाह करते थे।आज हम आपको महाराजा भूपिन्दर सिंह (Maharaja Bhupinder Singh) पटियाला  के महाराजा और पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर के दादा महाराजा भूपिंदर सिंह (Maharaja Bhupinder Singh) की। पटियाला के महाराजा की क्रियाएँ (Activities) का जिक्र महाराजा भूपिंदर सिंह (Maharaja Bhupinder Singh) के दीवान जरमनी दास ने अपनी पुस्तक महाराजा लिखा है।
Maharaja Bhupinder Singh
Maharaja Bhupinder Singh's love life of Patiala - Photo source Shashiblog.In

महाराजा के लिए Reserve
Maharaja Bhupinder Singh
Maharaja Bhupinder Singh's love life of Patiala - Photo source Shashiblog.in


महल का एक खा़स कमरा महाराजा के लिए Reserve था। कमरे की दीवारों पर चारों तरफ बने चित्रों में सैकड़ों तरह के आसनों मे प्रेम क्लाप (Love clap) में डूबे महिलाए- पुरुषों को दिखाया गया। कमरे को भारतीय ढंग से सजाया गया है। फर्श पर कीमती जवाहरात(Jewels) से जड़े मोटे-मोटे क़ालीन बिछे हैं। महाराजा के भोग-विलास का पूरा साजो सामान उपस्थित (Present) है।



महाराजा भूपिंदर सिंह (Maharaja Bhupinder Singh) ने पटियाला(Patiala) में लीला-भवन' या रंगरलियों का महल बनवाया था। जहां सिर्फ निर्वस्त्र लोगों को प्रवेश (Entry) मिलती थी। यह महल पटियाला शहर में भूपेन्दरनगर जाने वाली सड़क पर बाहरदरी बाग़ के नजदीक बना हुआ है। इस महल का जिक्र उनके दीवान ने अपनी पुस्तक महाराजा (Mahtiala


Maharaja Bhupinder Singh's love life of Patiala - Photo source Shashiblog.in

महाराजा (Maharaja) ने महल के बाहर एक स्विमिंग पूल (swimming pool) निर्माण किया। पूल इतना बड़ा कि 150 पुरुषों -महिलाए एक साथ स्नान कर सकें। यहां बड़ी शानदार पार्टियां होती थीं। पार्टियों में खुलेआम रंगरलियां चलती थी। उन पार्टियों में शामिल होने के लिए महाराजा (Maharaja) अपनी प्रेमिकाओं(Sweethearts) को बुलाते थे। वे सब महाराजा और उनके दो-चार ख़ास मेहमानों के साथ तालाब में नहाती और तैरती थीं।


पूरा कर्मकांड उनके महल के स्वीमिंग पूल के नजदीक होता था। उसमें उनके राज्य के अंग्रेज अधिकारी और उनकी पत्नियां (Wife's)और अन्य अंग्रेज औऱ देसी महिलाएं भी शामिल। दीवान जरमनी दास ने महाराजा, महारानी नामक बेस्ट सेलर बुक्स लिखी हैं। उन्होंने इस किताब में खुल कर लिखा है कि इस अवसर पर क्या-क्या होता था।


इन पार्टियों में विलायती या गै़र-हिन्दुस्तानी लोग बहुत कम बुलाए जाते थे। ‌सिर्फ़ वही यूरोपियन (European)या अमेरिकन महिलाए जो उन दिनों महाराजा के मोती बाग पैलेस में मेहमान की हैसियत से ठहरी होती और जिसके साथ महाराजा की affairचलती थी। इन रंग‌रलियों में शामिल की जाती थीं।
Maharaja Bhupinder Singh
Maharaja Bhupinder Singh's love life of Patiala - Photo source Shashiblog.in

इतिहासकारों(Historians) के अनुसार महाराजा की 10 अधिकृत रानियों के समेत कुल 365 रानियां थीं। इन रानियों की सुख-सुविधा का महाराज पूरा  ध्यान रखते थे। महाराजा  (Maharaja) की रानियों के कहानिया तो इतिहास में दर्ज हो चुके हैं। उनके लिए बनाए गए महल अब ऐतिहासिक धरोहर (historic monuments) बन चुके हैं। 365 रानियों के लिए पटियाला में भव्य महल बनाए गए थे। रानियों के स्वास्थ्य की जांच के लिए चिकित्सा विशेषज्ञों की टीम

(Medical experts team) भी इन महलों में ही रहती थी। उनकी इच्छा के अनुसार उन्हें प्रत्येक
सुविधा मुहैया करवाई जाती थी।दीवान जरमनी दस - Deevan Jarmani Das के अनुसार महाराजा भूपिंदर सिंह की दस पत्नियों से 83 बच्चे हुए थे जिनमें 53 ही जी पाए थे।

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 महाराजा कैसे अपनी 365 रानियों को संतुष्ट करते थे इसे लेकर इतिहास में एक कहानिया बहुत प्रसिद्ध है।
कहा जाता है कि महाराजा पटियाला के महल में रोजाना 365 लालटेनें जलाई जाती थीं। जिस से उनकी 365 रानियों में से हर रानी का हर लालटेन पर नाम लिखा होता था। जो लालटेन सुबह पहले बुझती थी महाराजा उस लालटेन पर लिखे रानी के नाम को पढ़ते थे और फिर उसी के साथ रात में बिताते थे।


एक संभावना के मुताबिक महाराजा भूपिंदर सिंह (Maharaja Bhupinder Singh) 88 बच्चों के पिता थे। इनके पास विश्व प्रसिद्ध 'पटियाला necklet
था। जिसे प्रसिद्ध ब्रांड कार्टियर एसए द्वारा निर्माण किया गया था। उनकी पत्नी (wife ) महारानी बख्तावर कौर इतनी सुंदर थीं कि उनको Queen Maryकी उपाधि प्राप्त की थी। पटियाला पैग भी विश्व के  महाराजा भूपिंदर सिंह (Maharaja Bhupinder Singh) की ही देन है।


Maharaja naam ke इस पुस्तक निचे दिए PDF Link se download kar sarte hai 




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