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Chaitra Navratri 2020: कब प्रारंभ हो रहे हैं चैत्र नवरात्र? उपवास से पहले बना लें जरूरी सामान की लिस्ट और जानें किस वाहन से आएंगी मां दुर्गा




नमस्कार दोस्तों आप सभी स्वागत है हमारे ब्लॉग पर, आप अभी पढ़ रहें है shashiblog.in आज के आर्टिकल में चैत्र नवरात्रि आरंभ कब होगी के बारे बताएगे।

Chaitra Navratri 2020



चैत्र माह में होने वाले नवरात्र(Navratri) को चैत्र नवरात्र (Navratri)बोला जाता है, इस वक्त मां दुर्गा के नवरूपों की पुजा किया जाता है।


इस साल चैत्र नवरात्रि आरंभ कब होगी??


इस साल चैत्र नवरात्रि (Navratri) आरंभ 25 मार्च 2020 से लेकर 2 अप्रैल 2020 तक रहेंगी।

चैत्र नवरात्रि (Chaitra Navratri) से हिन्दू नववर्ष यानी विक्रम नवसंत्सवर 2077 की भी आरंभ होती है। जैसा कि आपको बता दे चैत्र नवरात्रि  (Navratri) और हिन्दू नववर्ष का आरंभ एक ही दिन होता है।

चैत्र नवरात्र 25 मार्च से, जानें किस वाहन से आएंगी मां दुर्गा कैसा रहेगा?



चैत्र नवरात्र (Navratri) 2020 का आरंभ बुधवार को हो रहा है। देवीभाग्वत पुराण में कहा गया है कि नवरात्र का आरंभ बुधवार को होगा तो देवी नाव पर चढ़कर आएंगी। माता के नाव पर चढ़कर आने का मतलब यह है कि इस वर्ष खूब बारिश होगी जिससे आम लोगों का जीवन त्रस्त हो सकता है। बाढ़ की कारण से जन धन का बड़ा नुकसान हो सकता है।

मां की विदाई हाथी पर


नवरात्र का समापन 3 मार्च शुक्रवार को हो रहा है। पुराण में बताया गया है कि अगर शुक्रवार के दिन माता विदा होती हैं तो उनका वाहन हाथी होता है। हाथी वाहन होना भी इसी बात का परिचायक है कि अच्छी बारिश होगी। लेकिन कृषि के मामले में स्थिति बेहतर रहेगी। अच्छी उपज से किसान उत्साहित रहेंगे। नवसंवत् के मंत्री चंद्रमा और राजा बुध का होना भी ये कहा जा रहा आने वाले वर्ष में अर्थव्यवस्था(Economy) को संभलने का
अवसर मिलेगा।


कैसे करें तैयारी नवरात्रि की 


मां दुर्गा की फोटो या मूर्ति/माता स्थापना के लिए लकड़ी की पुस्तक

सवा मीटर लाल या पीला कपड़ा/लाल चुनरी या साड़ी/कलश/आम के पत्ते /फूल माला और लाल फूल /एक जटा वाला नारियल/पान के पत्ते/सुपारी/इलायची/लौंग/कपूर/रोली, सिंदूर/मौली/चावल/ दुर्गा सप्तशती की पुस्तक



इन बातों का भी रखे ध्यान


यदि मां दुर्गा की मूर्ति धातु या चांदी की बनी है तो उसे पीताम्बरी से साफ करें

 घर के मंदिर में सफाई एक दिन पहले ही करके रखे  मंदिर में देवी देवताओं के वस्त्र और बिछाने के लिए वस्त्रादि बदल दें।

मंदिर की पुरी तरह सफाई करने के बाद सुबह पूजा की तैयारी करने का इंतजार न करें रात में नहाकर पूजा की सारी साम्रगी मंदिर के पास या पूजा घर में इकट्ठा करके रखे।

पूजा के समय किन बातों का रखें ध्यान


माता की फोटो या मूर्ति में शेर शांत मुद्रा में होना चाहिए।


मूर्ति या तस्वीर के दायीं ओर जौ बोयें


घर मे अखंड ज्योत जलाने के बाद घर खाली ना छोड़े

देवी मां की फोटो के बायीं ओर दीपक रखें
नवरात्रि में मातारानी को दूर्वा अर्पण न करें


इस साल नवरात्रि (Navratri) के लिए कलश स्थापना कौन से दिन होगा? 


अर्पण करने की सामान

लाल चुनरी/चूड़ी/बिछिया/इत्र/सिंदूर/महावर/ लाल बिन्दी/शुद्धमेहंदी/काजल/चोटी/ माला या मंगल सूत्र/पायल/कान की बाली आदि

चैत्र नवरात्रि कैलेंडर 
25 मार्च : दिन — बुधवार
इस दिन नवरात्रि का पहला दिन होगा। इस दिन उपवास रखने वाले लोग शुभ मुहूर्त में
कलश स्थापना होगी और मां शैलपुत्री की पूजा विधि विधान से करेंगे।
26 मार्च : दिन — गुरुवार
चैत्र नवरात्रि के दूसरे दिन माता ब्रह्मचारिणी की पूजा किया जाता है।
27 मार्च : दिन — शुक्रवार
चैत्र नवरात्रि के तीसरे दिन मां दुर्गा के गौरी स्वरूप की पूजा की जाएगी।
28 मार्च : दिन — शनिवार
चैत्र नवरात्रि के चौथे दिन मां दुर्गा के कुष्मांडा स्वरूप की पूजा होगी।
29 मार्च : दिन — रविवार
चैत्र नवरात्रि के पांचवे दिन स्कंदमाता की पूजा विधि विधान से की जाएगी।
30 मार्च : दिन — सोमवार
चैत्र नवरात्रि का छठा कात्यायनी माता की पूजा अर्चना की जाएगी।
31 मार्च : दिन — मंगलवार
चैत्र नवरात्रि के सातवें दिन को महा सप्तमी भी कहा जाता है। इस दिन माता कालरात्रि का पूजा की जाएगी।
01 अप्रैल : दिन — बुधवार
इस दिन दुर्गा अष्टमी होगी। आज के दिन महागौरी की विधि विधान से पूजा की जाएगी।
02 अप्रैल: दिन — गुरुवार
नवरात्रि के नौवें दिन को मां सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है। हालांकि चैत्र शुक्ल नवमी के दिन भगवान राम का जन्म हुआ था, इसलिए इस तिथि को राम नवमी के रूप में मनाया जाता है।
03 अप्रैल: दिन — शुक्रवार
नवरात्रि के 10वें दिन हवन आदि करने के बाद पारण करने का वक्त आता है। ब्राह्मण को दान करने के बाद उपवास करने वाले व्यक्ति को भोजन ग्रहण कर
उपवास को पूर्ण करना चाहिए।

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